देहगाम 400/220 पावर ग्रिड में एक्स आर्मी जवानों के साथ हुए अन्याय को लेकर देहगाम तहसील के सैनिक संगठन अध्यक्ष न्याय के लिए लेबर कोर्ट के द्वार पर।
सवांददाता नागजी भाई एस बारोट जिला ब्यूरो चीफ गांधीनगर
देहगाम तहसील के गणेश पुरा गांव के पास 400/220 पावर ग्रिड स्टेशन में भूतपूर्व सैनिकों सिक्योरिटी गार्ड में तैनात है सुरक्षा गार्ड के साथ हमेशा अन्याय देखा जाता है । पावर ग्रिड में काम करने वाले सुरक्षा गार्डों और मजदूरों के वेतन की कोई निश्चित तारीख नहीं होती है। मगर पावर ग्रिड के डीजीएम ओर हर कर्मचारी को निश्चित समय से तनख्वा मिल जाती है। सही समय तनख्वा ना होने के कारण अगर कोई मजदूर आवाज उठाता है तो उसे उठाकर बाहर फेंक दिया जाता है। दिनांक 01/01/2023 को भी बिना किसी सूचना के सुरक्षाकर्मियों को बाहर कर दिया गया। निकाले गए सुरक्षाकर्मियों ने आर.टी.आई से जवाब मांगा तो आर.टी.आई का जवाब भी भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए गलत दिया गया ।

आरटीआई का जवाब गलत मिलने की वजह से दहेगाम तहसील के सैनिक संगठन के अध्यक्ष द्वारा लेबर कोर्ट का दरवाजा खटखटा गया हे। पावर ग्रिड कर्मचारी डीजीएम एसएन शर्मा , एचआरके तेजस बारोट और सिक्योरिटी एजेंसी ऊपर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए दहेगाम तहसील भूतपूर्व सैनिक संगठन एक कदम भी पीछे नहीं लेगा । पावर ग्रिड में नौकरी करनी है तो आपको साल के 12 से 15 हजार रुपये सिक्योरिटी एजेंसी को देने पड़ते हैं और उस सिक्योरिटी एजेंसी से पावर ग्रिड के कर्मचारी आधे पैसे मिल जुल के बांट लेते हैं ऐसी चर्चा है सुनने को मिल रही है।
देहगाम पावर ग्रिड सिक्योरिटी में एजेंसी को जो पैसा देता है उसी को रखा जाता हैं। सुरक्षा गार्ड में यह भी चर्चा चल रही है की इस भ्रष्टाचार को सुरक्षा एजेंसी और पावर ग्रिड के कर्मचारी मिली जुली सरकार बनाकर करते रहते हैं। अब पावर ग्रिड कर्मचारी सिक्योरिटी एजेंसी को भ्रष्टाचारियो को लेबर कोर्ट द्वारा सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी और भूतपूर्व सैनिकों के साथ हुए अन्याय को लेकर न्याय दिलाया जाएगा ।
