सांचोर जिला बचाओ संघर्ष समिति का आज 212 वें धरना जारी, राजस्थान पेंशनर समाज चितलवाना से बड़ी संख्या में दिया धरने को समर्थन
गणपत दवे बौद्धिक भारत सांचौर
सांचोर जिला बचाओ संघर्ष समिति ने प्रेसनोट जारी कर बताया की आज 212 वें दिन सांचोर अतिरिक्त जिला कलेक्टर एंव अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सांचोर को मुख्यमंत्री के नाम राजस्थान पेंशनर समाज चितलवाना के सेवानिवृत क्रमचारियो द्वारा ज्ञापन दिया गया, सांचोर जिला बचाओ संघर्ष समिति का धरना संयोजक अधिवक्ता भीमाराम चौधरी की अध्यक्षता में आज 212 वें दिन धरना जारी रहा सरकार समझ ले जो सांचोर जिले को निरस्त किया है जिसको नियमानुसार बहाल कर दे सांचौर जिला जो जालोर जिले से 145 कि.मी. दूर व अंतिम गांव आकोड़िंया रणखार करीब 250 किमी दूर हैं। सरकार ने कौनसे आधार पर सांचोर जिले को निरस्त किया गया कोई स्पष्ट नहीं हैं। जिला बनने से जिला मुख्यालय नजदीक होने पर आमजन के लोगों के सभी जिले स्तर के कार्य जल्द होते थे वर्तमान सरकार आमजन का तवरित कार्य नहीं करना चाह रही है और आमजन को इधर उधर भटका आर्थिक नुकशान करना चाहती है एसी ही इस सरकार की मंशा लग रही है। वर्तमान सरकार सांचोर जिले को किस आधार पर निरस्त किया, हमने सम्पूर्ण प्रूफ के साथ कोर्ट में याचिका दायर की है जिसका न्यायपालिका नियमानुसार निस्तारण करेंगे तथा सरकार ने अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय बंद कर पुनः खोला है, हम एडीएम कार्यालय से धरना समाप्त नहीं करने वाले है हमारा जिला घोषित नहीं होता है तब तक हम धरना समाप्त नहीं होगा, धरने का केसाराम मेहरा सेवानिवृत अध्यापक ने संचालन किया जिसमे सांचोर जिला बचाओ संघर्ष समिति के सयोजक अधिवक्ता भीमाराम चौधरी, रामावतार मांजू पूर्व सरपंच जाखल, अधिवक्ता नरेन्द्र मेघवाल डांगरा, पीराराम देवासी फालना ने कहा की हमारा सांचोर जिला जो राज्य सरकार ने रानीवाडा और बागोडा के लोगो की नाराजगी के कारण निरस्त करना बताया है इन दोनों उपखण्ड क्षेत्र के लोगो को जिला कलेक्टर के पास आने में दूर लगता है और ADM के पास आने में दूर नहीं लगता है क्योकि दोनों उपखण्ड रानीवाडा और बागोडा क्षेत्र की प्रवालियो का हर रोज निस्तारण किया जा रहा है तब क्यों दूर नहीं लग रहा है और इन दोनों उपखण्ड के लोग ADM कार्यालय सांचोर आकर कार्य करवाकर जाते है और सरकार ने भी कोई कारण नहीं बताया है और सीधे ज्यादा जिलो का हवाला देकर जिला निरस्त कर दिया फिर सांचोर को अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय खोला जिसमे परिधि वगेरा में कोई फेर-बदल नहीं किया है इन दोनों उपखंड के लोगो को ADM कार्यालय का कार्य करवा देते है और जिलाधिकारी के मार्फत होने वाले कार्यो में सांचोर दूर लगता है अब हम हमारा सांचोर जिला कुछ ही समय में पुनः खुलवायेंगे, इसी प्रकार चितलवाना तहसील के राजस्थान पेंशनर समाज के आसुराम गोदारा हाडेचा, भीखाराम जांगू, रामचंद्र मेघवाल केरिया, भगवानाराम पंवार, गंगाराम गोदारा, सुरजन राम बिश्नोई रनोदर, काछबाराम बिश्नोई, इश्राराम बिश्नोई, मकाराम चौधरी, खेराज सुथार खिरोड़ी, पांचाराम डूंगरी ने धरने संबोधित करते हुए कहा कि जालोर बहुत दूर है जो सरकार ने सांचोर जिले गलत निरस्त किया है वर्तमान सरकार सांचोर की जनता के साथ भेदभाव रवैया अपना रही है, सांचोर जिला सही मापदण्ड अनुसार था उन मापदंडो के आधार पर सांचोर बनाया था जिसको वर्तमान सरकार ने किस आधार पर निरस्त किया यह सांचोर की जनता के साथ अन्यान किया है अगर सांचोर जिले में रानीवाडा और बागोडा के लोगो को नहीं आना था तो अब हमारे अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय सांचोर में हररोज आकर अपनी फाईलो का कार्य करवाया जा रहा है तो क्यों, इसलिए हम सांचोर जिलेवासी सांचोर जिले को पुनः जिला बनाकर रहेंगे किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार की जिम्मेदारी बनती हैं कि जनहित में लिए गए निर्णय किसी भी सरकार ने लिए हो प्रत्येक आने वाली सरकारे उन कार्यो को आगे बढाती हैं ,पूर्व सरकार के द्वारा किये गए कार्य व्यवस्थित तरीके से चल रहे है कार्यो को निरस्त करने में लगी हुई है और सांचौर जिला निरस्त करके बहुत बड़ी भूल की हैं। सांचोर जिले को किस आधार पर निरस्त किया अगर जिला निरस्त करने योग्य था तो फिर ADM कार्यालय किस आधार पर खोला, सांचोर जिला नहीं रखने का कारण है कि वर्तमान में सरकार में बैठे लोगो ने कोई पेरवी नहीं की अगर थोड़ी सी सही ढंग से पेरवी करते तो सांचोर जिला निरस्त नहीं होता, हम ज्ञापन के जरिये आपको सूचित करते हैं कि जब तक सांचोर जिला पुनः घोषित नहीं होता हैं तब तक हमारा धरणा प्रदर्शन जारी रहेगा।

हम सांचोर जिलेवासी पिछले साल दिनांक-29 दिसम्बर 2024 से आज दिनांक-28 जुलाई 2025 को 212 वें दिन ADM सांचोर को ज्ञापन दिया, जिसमे विरड सिंह चौहान, नरेश कुमार कारोला, रामलाल पंवार, जालाराम जानी, राणाराम चौधरी, सुखराम चौरा, बबूलाल बिश्नोई, लक्ष्मण सिंह डूंगरी, रुपाराम बिश्नोई, रामकिशन बिश्नोई, पुनमाराम बिश्नोई, सोनाराम बिश्नोई, चेनाराम सारण, सोमनाथ, राजाराम जीनगर, किशनाराम भादू, आसुराम बिश्नोई, रतनाराम बिश्नोई, मोहनलाल भादू, जगदीश साहू, किशनलाल चितलवाना, बाबुलाल भादू, सिध्धाराम बिश्नोई, गंगाराम, भगवानाराम सहित बड़ी संख्या में धरनार्थी उपस्थित रहे उक्त धरने व महापड़ाव की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी।