*”શોધે છે”*
તું તો ખુદમાં જ છે
ક્યાં ખુદને શોધે છે ?
જ્યાં નથી ક્યાંય તું,
ત્યાં તુજને શોધે છે.
રહ્યો હું તારા હૃદયમાં..
ને બહાર મુજને શોધે છે.
દિનકર જાની
❤️ રંગીન કાગડો❤️
बीते हुए पल की क्या बात करु में ?
बीते हुए पल की क्या बात करु में ?
- हर एक पल अब तो डराता है मुझे ।
अब जब बात तो सपने ही की है जो ।
हर रोज रातों में आके सजाता है मुझे।।
छुपाता तो दुनिया से बहुत कुछ हूं मगर,
पर कमबख्त यह दिल बताता है मुझे ।।
दिल कि अब तो मैं क्या बात करूं ?
सारी रात कमबख्त जगाता है मुझे।।
जब थी तू मेरे साथ तब पता नहीं था,
अब यही हर एक साथ कराता है मुझे।।
और अगर रूठ जाऊं जो मैं तुझसे तो।
हर एक पल मुझे वह मनाता है मुझे।।
दिनकर जानी
रंगीन कागडो❤️
