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शिवभक्त कमल मदान की ओर से भी विशाला जुन्नारदेव मे होने वाला विशाल भण्डारा हो गया शुरू।

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रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत समाचार

छिन्दवाड़ा/जुन्नारदेव :- शिवभक्त कमल मदान की और से विशाला जुन्नारदेव में आयोजित होने वाला विशाल भंडारा शुरू हो गया यह भंडारा पूरे 1 सप्ताह चलेगा जिसकी शुरुआत 13 फरवरी से हो गई है जिस का समापन 19 फरवरी को हो जाएगा इस भंडारे में लगभग एक लाख भक्त भोजन प्रसाद ग्रहण करेंगे सनद रहे कि प्रति वर्ष इसी माह में आने वाला पर्व महाशिवरात्रि के पर्व का बहुत महत्व है क्षेत्र में पहली पायरी विशाला जुन्नारदेव एवं अंतिम महादेव होने के कारण भक्तजन पूरे श्रद्धा भाव एवं उत्साह से मनाते हैं

विशाला जुन्नारदेव से होता है आना जाना

महाशिवरात्रि पर्व पर हजारों लाखों भक्तजन महादेवा भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं इसमें गौर करने वाली बात तो यह है कि चाहे यह वक्त आसपास के हो या बाहर दूरदराज क्षेत्र के हो जब भी उन्हें महादेव जाना आना है तो विशाला जुन्नारदेव ही एकमात्र स्थान है जिसे पहली पायरी के नाम से जाना जाता है।

पहली पायरी के साथ भगवान शिव का प्रथम स्थान है

जो भक्तजन भी इस पर्व पर भगवान शिव के दर्शन करने या पूजा अर्चना महादेव जाते हैं तो विशाला जुन्नारदेव स्थान बहुत शुभ है यह स्थान जो पहली पायरी के नाम से जाना जाता है वह यहां पर भगवान शिव का स्थान है यहां लोग आते हैं एवं पूजा अर्चना करते हैं इस बात के चलते यहां पर पूरे समय हजारों भक्तजन उपस्थित रहते हैं।

मदान ने चुना स्थान विशाला जुन्नारदेव में

भक्त कमल मदान ने भंडारे के लिए विशाला जुन्नारदेव का स्थान चुना एवं पहले दिन भगवान शिव एवं पूरे परिवार की प्रतिमा यहां पर विराजित करते हैं फिर पूजा अर्चना कर भंडारा शुरू कर देते

13 फरवरी से शुरू कर दिया भंडारा

महाशिवरात्रि पर्व पर यहां 13 फरवरी से विशाल भंडारा शुरू कर दिया है इसके लिए भगवान शिव एवं पूरे परिवार की मूर्ति ला स्थापना के बाद में पूजा अर्चन कर भंडारा शुरू कर दिया इस वर्ष भी पूरे 1 सप्ताह यहां भंडारा चलेगा जहां लाखों भक्त जन प्रसाद ग्रहण करेंगे

व्यवस्थित चले लोग दे रहे हैं सहयोग

विशाला जुन्नारदेव में शिवभक्त कमल मदान की ओर से जो भंडारा शुरू है वहां आ व्यवस्थित ना हो कोई रुकावट ना आए या भक्तजनों को प्रसाद ग्रहण करने में कोई परेशानी ना हो श्री मदान के सहयोगी क्रमशा: बी. के. एस. परिहार, वीरेंद्र अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, वेद प्रकाश वर्मा, वैभव जोशी, पुरुषोत्तम जी, दिलीप राय, सौरभ जी, गोल्डी परिहार, अनिल चौकसे, उमेश बत्रा, तरुण बत्रा एवं वीरेंद्र (गददू) बिरानी जी पूरे समय बराबर सहयोग दे रहे हैं

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