एबीवीपी भीनमाल ने महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र हुंकार रैली निकालकर सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
एबीवीपी भीनमाल द्वारा महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर गुरुवार को सरकार के विरुद्ध जमकर हमला बोला एवं पुतले जलाकर नारेबाजी कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भीनमाल द्वारा महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा एबीवीपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता अंकित दुआ ने बताया की करोना कॉल से उच्च शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा व अनदेखी से छात्र हितों की हानि हो रही है। सामाजिक क्षेत्र में निरंतर बढ़ते अपराध युवाओं को भ्रमित करने के साथ प्रदेश की छवि धूमिल कर रहे हैं आज का युवा भविष्य का निर्माता है तो छात्र हित में मांगे मांगने के लिए ज्ञापन विद्यार्थी परिषद द्वारा सौंपा जा रहा है।
एबीवीपी के जिला संयोजक चंदन सिंह सोलंकी ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों की वार्षिक, सेमेस्टर एवं परीक्षा शुल्कों की
समय-समय पर पुनसंरचना की जाये एवं अभोग्य शुल्क मदो के अतिरिक्त भार को हटाया जाये। ग्रामीण व कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शुल्क में विशेष छूट देनी चाहिए।प्रान्त कार्यसमिति सदस्य मंजू फुलवरिया ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र समय से पूर्व आउट हो रह हैं एवं साक्षात्कारों में
भाई-भतीजावाद जारी हैं। जैसा की हाल ही में 2018 RAS भर्ती के साक्षात्कार में वर्तमान
सरकार के मंत्री के रिश्तेदारों को पद का दुरपयोग करते हुए साक्षात्कार अधिकतम अंक
देकर लाभ पहुंचाया गया। जिससे युवाओं में हताशा एवं निराशाजनक विचार पनप रहे हैं।
अतः त्वरित कार्यवाही करते हुए दोषियों सजा एवं साक्षात्कार पारदर्शिता तय की जाये।
छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक देवासी ने बताया कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के वार्षिक एवं सेमेस्टरों की रूपरेखा एवं कार्यक्रमों के लिए
वार्षिक कैलेण्डर सत्र से पूर्व जारी किया जाये एवं उसकी अक्षरशः पालना सुनिश्चित की
जाये। साथ ही परीक्षाओं एवं परिणाम को तार्किक बनाया जाना चाहिए।
नगरमंत्री महिपाल सिंह राव ने बताया कि प्रश्न पत्रों के ब्लू प्रिंट में काठिन्य स्तर 20 प्रतिशत से अधिक न हो. वहीं पाठ्यक्रमों का
नवीनीकरण समयानुसार राष्ट्रिय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा करवाया जाये
शैक्षिक परिसरों में परिचय पत्रों क साथ प्रवेश सुनिश्चित कर बाहरी असामाजिक तत्वों के
हस्तक्षेप को रोका जाए व परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाये।
जिला संयोजक छगनलाल माली ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में पुस्तकालय एवं वाचनालय 6.00 बज से रात 9.00 बजे
तक खोला जाये, पुस्तकालयों में अद्यतन पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाई जाए और
पुस्तकालयों का डिजीटीलाईजेशन किया जाये एवं मूक बधिर तथा दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु
सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाए।
सरकारी महाविद्यालयों में राजनीति द्वारा प्रेरित स्थानान्तरणों को रोका जाना चाहिए व इस
हेतु स्थानांतरण नीति बनानी चाहिए तथा रिक्त पदों को तुरंत प्रभाव से भरा जाना चाहिए।
विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक पदों की भर्तियों समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर की भर्ती एजेंसी
द्वारा करवाई जाय। विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में राजनैतिक हस्तक्षेप रोका जाये ।
छात्रावासों में सुविधाओं को बढ़ाना चाहिए और प्रवेश की प्रक्रिया पारदर्शी बनानी चाहिये।
सभी शिक्षण संस्थानों में टीकाकरण को सुनिश्चित किया जाये ।
महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ते जा रहे है इस हेतु सरकार अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस
नीति का अवलंबन करना चाहिए। इन घटनाओं के लिए त्वरित कोर्ट की व्यवस्था की जाये
तथा पीडिता के लिए आश्रय स्थलों की सुविधा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
बेरोजगारी भत्ता नियमित प्रदान करते हुए भत्ते का विस्तार एवं भत्ते में बढ़ोतरी की जाए।
लंबे समय से जो छात्रवृतियाँ छात्रों को नहीं मिली हैं वे छात्रवृतियाँ जल्दी वितरित करना
सुनिश्चित किया जाये।
राजस्थान में बढ़ते भ्रष्टाचार के ग्राफ पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए। भष्ट्राचार में लिप्त
अधिकारियों पर सरकार तुरंत जाच करने का आदेश देकर उन पर कठोर कार्यवाही करवाई
जाये।
मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने हेतु ठोस कदम उठायें जाये व मादक पदार्थ की
तस्करी में पकड़े गये लोगों को कड़ी से कड़ी सजा देकर इस पर अंकुश लगाने का कार्य
करें ।
स्थानीय राजकीय महाविधालय में पीजी में अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीती विज्ञान इत्यादी प्रमुख विषयों को जोड़ा जाये।
स्थानीय राजकीय महाविधालय में प्राचार्य की स्थायी नियुक्ति की जाये।
राजकीय महाविधालय में रिक्त पड़े व्याख्याताओं के पदों को अतिशीघ्र भरा जाये।
राजकीय महाविधालय में लम्बे समय से बंद पड़े पुस्तकालय को पुन: शुरु किया जाये।
छात्रसंघ चुनाव करवाये जाये।
प्रथम वर्ष में सीटें बढ़ाई जाये।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यह मांग करता है कि उपर्युक्त तथ्यों का अवलोकन कर
छात्र हितों को प्रमुखता दी जाये तथा शीघाशांघ कार्यवाही कर छात्र हित में निर्णय लिया जायें।
इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हितेश माली, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जीनल त्रिवेदी, धनाराम देवासी,हर्ष अवस्थी, मयंक दवे, मानसिंह, सहदेव बोहरा,साहिलसिंह राव,पंकज माली, सोनल, पूर्णा वैष्णव, अभिषेक दवे,कुणाल दर्जी,दीपक भट्ट,पिंटू महात्मा, जयेश त्रिवेदी,राहुल सेन, पूरण सोनी, हितेश शर्मा, ईश्वर देवासी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।