नारायणलाल सैणचा बौद्धिक भारत बेंगलूरू
उदयपुर – सोमवार को उदयपुर में धर्मगुरु पिरोसा गोपालसिंह परमार बिठुडापिरान एवं सद्गुरु भंवर महाराज नारलाई धाम के पावन सानिध्य व मोहनसिंह वरपा देवली पाबुजी की अध्यक्षता एवं समाज बंधुओं, समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, दानवीर भामाशाहो, माता बहनों, विद्यार्थियों की उपस्थिति में बनने जा रहे सीरवी छात्रावास उदयपुर का भूमि पूजन का कार्यक्रम सीरवी समाज उदयपुर व सम्पूर्ण देश से पधारे 800-900 समाज बंधुओं की उपस्थिति में बहुत ही सफल, उद्देश्यपूर्ण, अकल्पनीय अविश्वसनीय सम्पन्न हुआ। पर्यटन व शैक्षणिक नगरी उदयपुर में शिक्षा मंदिर की नींव संत सानिध्य व भूमि पूजन की शिलाओं के बोलीदाता भामाशाह बंधुओं के कर कमलों से किया गया। समारोह की शुरुआत माँ आईजी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व माताजी की आरती से हुई। इसके बाद संस्थान के अध्यक्ष खीवराज परमार द्वारा पधारे अतिथियों, समाज बंधुओं के स्वागत भाषण, सचिव दौलाराम सोलंकी द्बारा छात्रावास की महता पर प्रकाश डाला। इस भूमि पूजन कार्यक्रम में समाज बंधुओ ने बढ़ -चढ़ कर बोलियां में भाग लिया और बोलियां में ही लाखों रुपये की घोषणा हुई, इसके साथ ही करीब 10 नए कमरों की घोषणा और 20 आजीवन सदस्यों ने अपना नाम लिखवाया। इस कार्यक्रम में सभी मेहमानों ने बहुत ही अच्छा सहयोग किया और सब में छात्रावास बनाने के प्रति जोश उत्साह भरपूर देखने को मिला। इस कार्यक्रम में कमरों के बोलीदाता और हॉल, किचन के भामाशाहो, समाज की वडेरो, विभिन्न संस्थाओं से पधारे पदाधिकारियों का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मंच का संचालक घीसाराम सीरवी बिजोवा, प्रेमजी सीरवी नवागुड़ा, भजन गायक भंवरलाल सीरवी हैदराबाद तीनों बहुत ही तालमेल के साथ मंच को संभाला और बोलियों में भामाशाह को प्रेरित किया।

