नारायणलाल सैणचा बौद्धिक भारत बेंगलूरू
बेंगलूरू: चिगरू कल्चर लैंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शनिवार को आयोजित नूपुर नृत्य कार्यक्रम सफल रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन जयंती टी ने किया। शिवकुमार गौड़ा ने कहा कि सांस्कृतिक कलाएं हमारी विरासत को संरक्षित और विकसित करने का काम करती हैं। दिवाकर जो एक प्रसिद्ध नाटक लेखक हैं उन्होंने कार्यक्रम की सराहना की। कुमार होल्ला के नेतृत्व में कर्नाटक की महान कला यक्षगान का शानदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शिष्या पूजा राज के नृत्य से हुई और समापन कुमारी रश्मी की मंडली तिल्नाके के नृत्य से हुआ। सुषमा प्रशांत के छोटे बच्चों ने पुष्प सज्जा कर मंच पर स्वागत किया। पूजा रंजीता कुमार के बच्चों द्वारा देवी की स्तुति मनमोहक रही। गुरुराज वशिष्ठ के शिष्य साईं बनकर नाच रहे हैं। श्रीमती हिरल, श्रीमती चैत्रा, श्रीमती लिखिता.. राम स्तुति.. और माणिक्य के लोक जलक के हनुमान नृत्य ने दर्शकों को खूब हंसाया। कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशांत नायका ने हमारी विरासत, हमारे देश, हमारी गुरु शिष्य परंपरा पर गर्व व्यक्त किया। यही वजह है कि उन्होंने गाना गाया और कार्यक्रम के संचालन के लिए युडुमा की सराहना की। पूरे कार्यक्रम का संचालन चिगरू इंस्टीट्यूट की युवा प्रतिभा कुमारी जीविता गौड़ा ने किया। इस कार्यक्रम में कुमारी साक्षी, कुमारी प्रगति, कुमारी कीर्तन, कुमार भीम राज मौजूद थे।
