रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत समाचार भोपाल
सुदर्शन वाहिनी प्रदेश संयोजक नवनीत सिंह ने सभी हिन्दू माता बहनों को किया केरला स्टोरी देखने का निवेदन जो कि एक सत्य घटना पर अधारी फ़िल्म है व मुस्लिम आतंकियों द्वारा हिन्दू बहनों के साथ माइंडवास कर धर्म परिवर्तन कर आतंकी संगठनों से जोड़ा जाता है जिसे इस मूवी में पूरी सच्चाई के साथ दिखाया गया है
फिल्म डायरेक्टर सुदिप्तो सेन के निर्देशन में बनी ‘द केरल स्टोरी’ शालिनी, नीमा और गीतांजलि नाम की लड़कियों पर आधारित है, जो नर्स बनने का सपना लिए घर से दूर एक कॉलेज में आती हैं, जहां उनकी मुलाकात आसिफा से होती है। आसिफा एक फंडामेंटलिस्ट है और जैसे-जैसे फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे यह पता चलता है कि वह आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए लड़की भेजने का काम करती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे आसिफा अपने साथियों की मदद से उन तीन लड़कियों का ब्रेनवॉश करके उन्हें अपना धर्म बदलने के लिए उकसाती है।
आसिफा अपने प्लान में कामयाब हो जाती है और तीनों लड़कियों में शालिनी सबसे पहले उससे प्रभावित हो जाती है और अपना धर्म बदल लेती है और अब वह फातिमा बा बन चुकी होती है। इतना ही नहीं शालिनी को आसिफा के एक दोस्त से प्यार भी हो जाता है। दोनों इसके बाद शादी कर लेते हैं। इसके बाद फिल्म की कहानी में जबर्दस्त मोड़ आता है और फातिमा बन चुकी शालिनी अपने बच्चे के साथ इराक-सीरिया बॉर्डर पर नजर आती है। ऐसा क्या हुआ और कैसे हुआ फिल्म इसी की कहानी बयां करती है। हालांकि, नीमा और गीतांजलि , शालिनी की तरह आईएसआईएस तक तो नहीं गई, लेकिन उन्हें इसका नतीजा भारत में रहकर ही भुगतना पड़ा। इस घटना को मूवी के माध्यम से दिखाया गया है जो एक सत्य घटना है इस मूवी को बनाये जाने का सिर्फ सभी फ़िल्म कलाकारों का एक ही उद्देश्य है आने वाले समय मे किसी अन्य राज्य या जिले में इस तरह से किसी भी आसिफा के चुंगल में हिन्दू लडकिया ना फँसे इस मूवी को देख सभी हिन्दू बहने जाग्रत होगी
फिल्म खत्म होने के बाद उन लोगो के असल इंटरव्यू दिखाए गए है जिनके साथ यह घटना बीत चुकी है कुछ धर्म प्रचारकों के हथकण्डो का पर्दाफाश करती फ़िल्म द केलरा स्टोरी खत्म होते होते एक ऐसी एक ऐसी सच्ची घटना पर आधारित फिल्म बन जाती है जिसे कहना व दिखाना हर कालखण्ड में जरूरी लगता है