बापू की आत्मकथा 18 भाषाओं में होगी प्रकाशित साबरमती आश्रम में बापू का भजन ‘वैष्णव जन’ कश्मीरी भाषा में पहली बार गूंजेगा दांतीवाड़ा केंद्रीय विद्यालय एवं अंकुर प्ले स्कूल में गांधी व शास्त्री जयंती का आयोजन
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर पर आज पहली बार साबरमती आश्रम- अहमदाबाद में कश्मीरी भाषा में बापू के प्रिय भजन‘वैष्णवजन तो तेने रे कहिए …’ के बोल गूंजेंगे। विख्यात सूफी कश्मीरी गायक गुलजार अहमद गनाई कश्मीरी भाषा में पहली बार बापू के इस प्रिय भजन की सार्वजनिक प्रस्तुति साबरमती आश्रम में देंगे। साथ ही इसी दिन बापू की आत्मकथा‘सत्य के प्रयोग’ के कश्मीरी और बोडो भाषा संस्करण का लोकार्पण भी होगा।

महात्मा गांधीजी द्वारा स्थापित नवजीवन ट्रस्ट ने ‘सत्य के प्रयोग’ के कश्मीरी और बोडो संस्करण तैयार किए हैं। इन दो संस्करणों के साथ नवजीवन द्वारा बापू की आत्मकथा 18 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हो जाएगी।
वहीं आज देशभर में गांधी व शास्त्री जयंती समारोह पूर्वक मनाई जा रही है। देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में केंद्रीय विद्यालय BSF दांतीवाड़ा में गांधी व शास्त्री जयंती पर प्राचार्य एवं स्टाफ सदस्यों ने दोनों महापुरुषों को पुष्पांजलि समर्पित करते हुए सर्वधर्म प्रार्थना स्थल पर सामूहिक रूप से गांधीजी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजाराम…..’ की प्रस्तुति संगीत शिक्षक मनोज राणा के निर्देशन में दी।

वहीं अंकुर प्ले स्कूल सीमा सुरक्षा बल दांतीवाड़ा में नन्हें मुन्ने बच्चों ने विभिन्न कलाकृतियों के माध्यम से दोनों ही महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।