हितेंद्र जोशी बौद्धिक भारत समाचार
महाशिवरात्रि का पर्व पवित्र माना जाता है यह पर्व भगवान भोलेनाथ की साधना एवं उपासना का त्यौहार माना जाता है माना जाता है कि इस दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी सबसे पहले शिवलिंग की पूजा भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी ने की थी और इसी दिन भगवान शिव पार्वती का विवाह हुआ था जगह-जगह भोलेनाथ की आराधना लोगों द्वारा की जाती हैं इस बार शनिवार को त्रयोदशी होने से आज प्रदोष का व्रत माना जाता है इस व्रत को करने से मनोकामना पूर्ण होती है कहते हैं कि इस दिन भगवान भोलेनाथ कैलाश पर्वत पर प्रसन्न- मुद्रा मे नृत्य करते हैं रानीवाड़ा क्षेत्र के पातालेश्वर सेवाड़ा, आपेश्वर सेवाडिया, आंध्रेशवर कोटडा, खाकीजी की बाड़ी सूरजवाडा,भूतेश्वर बड़गांव, आपेश्वर वक्तापुरा, गंगेश्वर रामपुरा, सारणेश्वर बामनवाडा, लीलाधारी मंडार, जगतेश्वर महादेव रुपावटी कला सहित आसपास के हर शिव मंदिर में आज भजन संध्या का आयोजन होगा और मंदिरों को बड़ी धूमधाम से बिल्व पत्रों से सजाया गया जगह-जगह कई धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे और रविवार चतुर्दशी को हर शिवालय मे लोगों का दर्शनार्थ मेला भरेगा।
