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प्रशासन ओर चुनाविकर्मी की गलती के चलते 7 माह बाद मिला सरपंच का पद।

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भीम प्रकाश बौद्ध बौद्धिक भारत समाचार

मामला गुणावद पँचायत के सरपँच का पेटलावद में हुआ फैसला ,नए सरपँच गमना गामड़ को किया एसडीएम अनिल राठौर ने पुनर्मतगणना के बाद निर्वाचीत कर घोषित किया गया। प्रशासन और चुनावकर्मि की गलती का खामियाजा 07 माह बाद हुआ निर्णय पेटलावद। पेटलावद एसडीएम अनिल कुमार राठौर के न्यायालय से एक बड़ा मामला निकलकर सामने आया था। जिसमे उन्होंने पिछले 07 माह पूर्व हुए ग्राम पंचायत चुनाव का जो की 25 मई को सम्पन्न हुआ था। जिसमे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत गुणावद के सम्बंध में निर्वाचित हुए सरपँच पद के उम्मीदवारो में बसंतीलाल की जगह गमना गामड़ को पुनर्मतगणना के बाद निर्वाचीत घोषित कर दिया था।
यह है गुनावद ग्राम पंचायत का पुरा मामला
ग्राम पंचायत गुणावद के रहने वाले गमना गामड़ जो कि 25 मई को हुए मतदान ओर मतगणना के की गड़बड़ी को लेकर एक पँचायत याचिका पँचायत अपीलीय अधिकारी एवं अनुविभागीय न्यायालय में एक याचिका अपने अधिवक्ता विनोद पुरौहित ओर रविराज पुरौहित की ओर से प्रस्तुत की गई थी। जिसमे बूथ न.31 पर मतगणना में गड़बड़ी को लेकर पुनर्मतगणना की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता की थी स्वीकार
इस याचिका में सभी पक्षो की सुनवाई के बाद शुक्रवार को एसडीएम अनिल कुमार राठोर ने याचिकाकर्ता की याचिका को दिनाक 08 जनवरी को स्वीकार करने के बाद बूथ न.31 के मतपत्रों की पुनर्मतगणना के आदेश जारी किये गए थे।
पुनर्मतगणना के लिये बनाया दल
इसी आदेश के परिपालन में बतौर निर्वाचन अधिकारी के रूप में निर्वाचन दल जिसमे की तहसीलदार ओर रिटर्निंग अधिकारी जगदीश वर्मा, नटवरलाल नागर, नरेंद्र कुमार मोनन्त,नईमुद्दीन काजी, राहुल सतोगिया ,एडवोकेट रविराज पुरौहित, एडवोकेट मनोज पुरौहित ओर याचिकाकर्ता की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम में रखे मतपत्रों को वीडियोग्राफी करवाते हुये। बूथ .31 की पुनर्मतगणना की गई ।
खुला स्ट्रांग रूम ,फिर से हुयी गिनती
फिर से हुयी गिनती जिसमें गिनती के बाद प्रारूप 17 में तैयार की गई नई सारणी का मिलान मतों की संख्या का मिलान अन्य 06 बूथों के प्रारूप 17 से जोड़कर सभी बूथों की सारणी प्रारूप 21 में तैयार कर के मतों की गिनती की गई जिसमें याचिकाकर्ता गमना को कुल 666 वोट ओर विपक्षी बसंतीलाल को 543 वोट मिलने से याचिका को पूर्व में हुयी गिनती के विरुद्ध 123 अधिक मत याचिकाकर्ता गमना गामड़ को प्राप्त होने से याचिकाकर्ता को विजयी घोषित करते हुए पूर्व में घोषित बसंतीलाल को निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी किया गया था उसे निरस्त कर दिया है।
मतगणना अधिकारियों का कहना था की गणना पत्रक में हुई थी त्रुटि
इस पूरे मामले में बूथ न.31 के पीठासीन अधिकारी गोवीदसिह भाभर शिक्षक माध्यमिक विद्यायल गड़ी पेटलावद की त्रुटि से पूरा मामला बना जिन्होंने पीठासीन अधिकारी के रूप में चुनाव के समय बूथ क्रमांक 31 के मतों की गणना पत्रक प्रारूप 17 में अभ्यर्थीयो को मिले वोट की सूची में काटापिटी ओर नामो के समुक मिले वोटो को गलत आंकड़े भरते हुए दिनेश मुणिया नामक अभ्यर्थी को 170 ओर गमना को 05 वोट मिलना दशार्या था। जबकि आज हुई गिनती में उक्त 170 वोट याचिकाकर्ता को मिलने की पुष्टि हुई। अर्थात पीठासीन अधिकारी गोविदसिह भाभर ने गन्ना पत्रक में त्रुटि करने से बसंतीलाल को निर्वाचीत घोषित कर दिया गया था। जो की आज याचिका के माध्यम से निरस्त हुआ है।
पीठासीन अधिकारी पर होनी चाहिए कार्यवाही
पूरे मामले में एसडीएम अनिल राठोर ने निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य मे लापरवाही के कारण पीठासीन अधिकारी गोविंदसिंह भाभर के खिलाफ अलग से विभागीय कार्यवाही भी कीये जाने के संकेत दिए है।
कहते है की सत्य की विजय हुई इसी लिए न्याय की हुई है जीत
इस पूरे मामले में याचिकाकर्ता गमना गामड़ ओर उनके अधिवक्ता विनोद पुरौहित ने बताया कि पूरे मामले में सच की जीत हुई है और आमजन का न्याय व्यवस्था पर विश्वाश बड़ा है।

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