प्रवीण जोशी बौद्धिक भारत समाचार
सांचोर क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुणेश की ढाणी सांकड के छात्रों ने मंगलवार को सांचौर एसडीएम रवि कुमार गोयल को ज्ञापन देकर वर्तमान में जिस भवन में स्कूल संचालित हो रही है। उसी में संचालित करने की मांग की। साथ ही छात्रों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर स्कूल का भवन बदला जाता है तो छात्र एसडीएम दफ्तर के आगे धरना देंगे। ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि यह स्कूल पूर्व में सांकड गांव के निजी खातेदारी की भूमि खसरा नम्बर 2019, 2020. 2020/2251 में संचालित होती थी, लेकिन 2017 में आई बाढ़ में स्कूल का भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका। इसके साथ स्कूल की ज्यादातर जमीन में पानी के बहाव के चलते गहरे गड्ढे पड़ गए। जिसके कारण शिक्षा विभाग ने स्कूल को अस्थाई तौर पर दूसरी जगह संचालित करने के लिए आदेश जारी किए थे। साथ ही खंडर में तब्दील स्कूल भवन को जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने 12 जून 2018 को आदेश क्रमांक 62/76 के जरिए गिराने का आदेश दिए था। उसके बाद ग्रामीणों ने भामाशाह वरिंगाराम पुत्र धनाराम से सरकारी रास्ते पर खसरा नम्बर 2551/2114 रकबा 0.32 हैक्टेयर भूमि दान कर भामाशाहों के सहयोग से दूसरी जगह स्कूल का संचालन शुरू किया था।
साथ ही छात्रों के बैठने के लिए करीबन 30 लाख रुपए खर्च करके नया भवन, पीने हेतु पानी की टंकी, लड़कों व लड़कियों के लिए अलग अलग शौचालय बनवाए गए। जिसके बाद पिछले चार साल से उसी जगह स्कूल का संचालन किया जा रहा है, लेकिन अब वापस जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक जिला शिक्षा जालोर ने आदेश 30 दिसंबर 2022 को एक आदेश जारी करके खंडर भवन में स्कूल का संचालन करने का आदेश दे दिया। जिसके बाद बीते सोमवार को सांकड स्कूल के प्रधानाचार्य ने आदेश की पालना में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुणेश की ढाणी सांकड को वापस पुराने भवन में संचालन करने के निर्देश दिए। अभिभावकों ने बताया कि बाढ़ के बाद खंडर में तब्दील स्कूल भवन के चलते दूसरी जगह लाखों रुपए खर्च करके जमीन दान में दिलवाने के साथ भवनों का निर्माण किया गया। अब वापस पुराने भवन में स्कूल के संचालन का आदेश जारी कर दिया। जिसके कारण एसडीएम को ज्ञापन देकर यथास्थिति में स्कूल के संचालन की मांग की है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो छात्रों के साथ एसडीएम दफ्तर के बाहर धरना देंगे।