ब्रह्माकुमारी संगठन द्वारा साप्ताहिक शिवरात्रि महोत्सव का उदघाटन,
निर्मल चित्त से की गई सेवा देती है सबको सुख
माउंट आबू । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बीके जयंती बहन ने कहा कि निर्मल चित्त से की गई सेवा सबको सुख देती है। जीवन में आने वाले चुनौतियों से समझौता करने की बजाए उनसे पाठ सीखकर आगे बढऩे की ललक बनाए रखनी चाहिए। आध्यात्मिकता परिस्थितियों को पार करने में मानसिक धरातल को मजबूत बनाती है। वे शुक्रवार को ब्रह्माकुमारी संगठन के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय पाण्डव भवन स्थित साप्ताहिक शिवरात्रि महोत्सव के उदघाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके मुन्नी बहन ने कहा कि मन में व्याप्त अज्ञान अंधकार को समाप्त करने के लिए नियमित राजयोग का अभ्यास सशक्त माध्यम है। जिससे ईश्वरीय नियम, मर्यादाओं का आचरण जीवनचर्या में सहज रूप से शामिल हो जाता है।
संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके शशि बहन ने कहा कि सत्य ज्ञान के चिन्तन व राजयोग से हर परिस्थिति में बेहतर जीवन बनाए रखने में मदद मिलती है। जीवन के हर दिन को त्योहार की तरह मानकर चलने से हर कार्य सरल हो जाता है।
संयुक्त मुख्य प्रशासिका डॉ. निर्मला ने कहा कि मन की कमजोरियों को समाप्त करने के लिए ईश्वरीय ज्ञान का मनन चिन्तन करने की नितंात आवश्यकता है। श्रेष्ठ चिंतन से मन की प्रफुल्लता बनी रहती है। मल्टीमीडिया प्रभाग प्रमुख बीके करूणा ने कहा कि निमित्त व निर्माण भाव से सेवा करने से संघर्षमय जीवन की यात्रा सुगम हो जाती है। ईश्वर का सत्य ज्ञान हर मनुष्य के अज्ञान अंधकार को समाप्त करने में समर्थ है।
संगठन के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युजंय ने कहा कि मन की अनावश्यक उलझनों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए मेडिटेशन के जरिए आंतरिक शक्तियों को जागृत करने की जरूरत है।
कार्यक्रम में ग्लोबल अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा, शिक्षा प्रभाग उपाध्यक्ष बीके शीलू बहन, उद्योग व व्यापार प्रभाग संयोजिका बीके गीता बहन, न्यायिक प्रभाग राष्ट्रीय संयोजिका बीके लता बहन, राजयोग प्रशिक्षिका बीके हंसा बहन आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर ओम शान्ति भवन के सार्वभौमिक सभागृह के बाहर शिवध्वजारोहण किया गया।