सप्ताह में एक ही बार पीने का पानी मिलने से भीनमाल शहर, रामसीन और आसपास के 77 गांवों के लोग भारी परेशान
सप्ताह में एक ही बार पीने का पानी मिलने से भीनमाल शहर, रामसीन और आसपास के 77 गांवों के लोग भारी परेशान है। जनप्रतिनिधियों की ढिलाई के चलते 2016 तक नर्मदा नहर का जो पानी भीनमाल पहुंचना था, वो आज तक नहीं मिलने से नाराज होकर दो महीने से भीनमाल की जनता आंदोलन कर रही थी। मैंने इस पूरे मामले सरकार तक जनता की तकलीफ को पहुंचाने के लिए नर्मदा संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री शेखर व्यास जी, श्री मोहन सिंह जी सिसोदिया और श्री श्याम सुंदर अग्रवाल जी (खेतावत) को जयपुर ले जाकर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी श्री पुखराज जी पाराशर जी से मुलाकात कराई। इसके बाद पुखराज पाराशर साहब की अगुवाई में हम सभी लोग जयपुर में सचिवालय जाकर राज्य के मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य जी और मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव श्री राजन विशाल जी से मिले और उनके साथ अलग अलग दौर की वार्ता की। राज्य के मुख्य सचिव निरंजन आर्य जी ने हमारे से करीब पौने घंटे तक वार्ता की। आर्य ने वहीं से सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इसी तरफ मुख्यमंत्री कार्यालय में भी आईएएस और संयुक्त सचिव श्री राजन विशाल जी ने करीब एक घण्टे तक हमारे से वार्ता कर पूरी बात ध्यान से सुनी। नर्मदा संघर्ष समिति के श्री मोहन सिंह जी सिसोदिया ने पानी कैसे समय पर पहुंच सकता है, इस बारे में व्यवहारिक उपाय सुझाये। श्री राजन विशाल जी ने नर्मदा से जुड़े अधिकारियों को तय समय सीमा में भीनमाल को पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही हर सात दिन में मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रोग्रेस रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए। इसके बाद पुखराज पाराशर जी की मध्यस्था से हमारा प्रतिनिधिमंडल राजधानी के जलदाय भवन में जाकर नर्मदा नहर स्पेशल प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर दिलीप गौड़ जी से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराया और उन्हें भी जल्दी पानी कैसे आये, इस बारे में व्यावहारिक उपाय सुझाये। हमारी बात को उन्होंने गम्भीरता से लिया।
भीनमालवासियों का ह्रदय से आभार की उन्होंने मेरे को नर्मदा का पानी लाने के मुद्दे पर निमित्त बनने का अवसर प्रदान किया। सबसे अधिक धन्यवाद हमारे अपने नेता श्री पुखराज जी पाराशर साहब का, जिनके व्यक्तिगत रुचि और मुख्यमंत्री जी से घनिष्ठ सम्बन्धों की वजह से भीनमाल की समस्या का समाधान सर्वोच्च लेवल पर करवाने में सेतू की भूमिका निभाई।