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बड़वाह/ स्थित शासकीय प्राथमिक सरकारी स्कूल में टपकती छत से बच्चो को मिली राहत, बच्चे हुए खुश

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दिलीप बिरला बौद्धिक भारत बड़वाह

बड़वाह/ स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल भवन खस्ताहाल है। बारिश में स्कूल भवन की स्थिति 30 जुलाई को बौद्धिक भारत समाचार ने प्रकाशित किया । जिसके बाद अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर प्रस्ताव के माध्यम से उन बच्चो को नए भवन में अस्थाई रूप से बैठने की अनुमति मिली । जर्जर भवन की छत गिरने का अंदेशा बना हुआ। इसके बाद भी स्कूल के शिक्षक इसी भवन में बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर है। चार साल से नए भवन की मांग भी की जा रही है, लेकिन अब तक अधिकारियों ने सुध नहीं ली है। तीनों कमरों के इस स्कूल भवन की छत से बारिश का पानी गिरता है और बच्चे पानी में ही बैठते हैं। स्कूल में चार कमरे है। चारों कमरे बारिश के दौरान छत से रिसकर गिरने वाले पानी से गीले हो रहे हैं। बच्चे गीली टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। दीवारों में पानी की सीलन आती है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की चिंता और बढ़ रही है। जबकि स्कूल के शिक्षकों ने जिम्मेदारों को भवन की स्थिति से अवगत करा दिया है। इसको लेकर दो बार बीआरसी, बीईओ और संकुल प्राचार्य को पत्र के माध्यम से भी अवगत करा दिया है। लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है। शाला के शिक्षकों ने बताया साल 2020 से पत्राचार कर रहे हैं। स्कूल स्टाफ ने बताया कि भवन की छत पर गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दिनों में छत से पानी रिसता है। इसकी मरम्मत के लिए भी विभाग को पत्र भेजा गया है। यदि छत की मरम्मत के लिए राशि आ जाए तो विद्यार्थियों को बारिश के दिनों में कोई परेशानी नहीं आएगी। फिलहाल स्कूल छत से बारिश के पानी का रिसाव रोकने के लिए छत पर प्लास्टिक की पत्री डालते हैं। इसके बाद भी पानी छत से रिसकर कमरों में गिर रहा है। स्कूल में पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है। बच्चों के लिए स्कूल के पास स्थित हैंडपंप से बाल्टी भरकर लाना पड़ता है। हैंडपंप में पानी की मोटर डाल रखी है जो खराब होने के बाद किसी ने सुधरवाई नहीं है। 30 जुलाई को बौद्धिक भारत समाचार में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश अनुसार ग्राम सरपंच कड़वाजी अहिरवाल, जन शिक्षक राजेंद्र पांडिया, सेवा सहकारी समिति के प्रेमलाल पटेल समिति प्रबंधक , रोजगार सहायक अरविंद प्रजापत शाला प्रभारी विजय शर्मा और ग्रामवासियों की उपस्तिथि में मौका पंचनामा बनाया गया जिसमे शाला भवन की स्तिथि प्रकाशित खबर के अनुरूप पाई गई वास्तव में शाला भवन की स्तिथि बैठने के अनुसार नही है शाला भवन की स्तिथि खराब है इसे तुड़वाकर नए भवन की आवश्यकता है शाला भवन के वही सेवा सहकारी समिति का भवन एवम ग्राम पंचायत भवन भी स्तिथ है । शाला भवन की जर्जर स्तिथि को देखते हुए सभी ने जिला शिक्षा अधिकारी, बीआरसी महोदय के मोबाइल पर चर्चा कर कक्षा 1 से 5 तक कक्षाओं का संचालन शा. मा. वि. नए भवन में अस्थाई रूप से संचालित किए जाने का निर्णय लिया। और मटन दुकान को भी हटाया गया। बच्चो ने बताया अब हमको अच्छा लग रहा है हम बहुत खुश है और अब पानी में नहीं बैठना पड़ेगा। बौद्धिक भारत समाचार के कारण हमको अच्छी जगह बैठने को मिली गई।

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