प्रतिवर्ष अनुसार इस बार भी विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला मुख्यालय बड़वानी में 09 अगस्त को बनाया जाएगा
रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत न्यूज बड़वानी
बड़वानी- 31 जुलाई, 2024 आज कृषि उपज मंडी प्रांगण बड़वानी में आदिवासी समाज की बैठक आयोजित की गई, जिसमें “9 अगस्त, विश्व आदिवासी दिवस” को लेकर चर्चा की गई। समाज के प्रकाश बंडोड़ ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम इस बार पलसूद में तय किया गया था लेकिन समाज के कई वरिष्ठ जनों का सुझाव आया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला मुख्यालय पर ही होना चाहिए इसलिए सभी साथियों ने मिलकर सामुहिक निर्णय लिया कि अब 9 अगस्त 2024 को विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला मुख्यालय बड़वानी में ही मनाया जाएगा । समाज जनों ने निर्णय लिया की पूर्व की भाती इस बार भी रैली इंद्रजीत छात्रावास परिसर से प्रारंभ होकर कारंजा, एमजी रोड, झंडा चौक, तिरछी पुलिया, पुराना कलेक्ट्रेट कार्यालय से होते हुए बस स्टैंड और बस स्टैंड से कृषि उपज मंडी में जाकर रैली सभा में परिवर्तित हो जाएगी ।रैली में आदिवासी पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल, मांदल, पिया, पावली, ढ़ोलग्या फ़ेपारिया के साथ अपनी पारंपरिक वेशभूषा में समाज जन उपस्थित होंगे। डीजे पुर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे । रैली में कोई भी व्यक्ति तीर कमान के अलावा अन्य हथियार लेकर नहीं आएंगे। 9 अगस्त, विश्व आदिवासी दिवस की शुरुआत 5 अगस्त , 2024 सोमवार को निवाली से की जाएगी। इसके बाद 7 अगस्त 2024, बुधवार को राजपुर एवं धनोरा, 8 अगस्त 2024 गुरुवार को पाटी, 9 अगस्त 2024 शुक्रवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम बड़वानी में होगा, 10 अगस्त 2024 शनिवार को खेतिया, 11 अगस्त 2024 रविवार को सिलावद एवं पानसेमल में मनाया जाएगा। इस तरह जहां-जहां हॉट बाज़ार पड़ता है वहां-“वहां साप्ताहिक रूप से विश्व आदिवासी दिवस का कार्यक्रम समाजजनों द्वारा मनाया जाएगा।जिला स्तरीय कार्यक्रम बड़वानी में 9 अगस्त को मनाया जाएगा इस हेतु समाज जनों ने आज बैठक कर आयोजन कमेटी व संचालन कमेटी का गठन कर आगामी रणनीति तैयार की है। बैठक के पश्चात दिनांक 4 जुलाई 2024 को घटित मोजाला करंट कांड के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई एवं पीड़ित परिवार को मुआवजा तथा शासकीय नौकरी देने हेतु महामहिम राज्यपाल के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सोपा गया। गजानन्द ब्राह्मणे व पोरलाल खरते ने बताया कि करंट कांड की गंभीर घटना घटित होने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा घोर लापरवाही बरती गयी । घटना घटित होने के तुरन्त बाद पीड़ित परिवार को उचित सहयोग नहीं किया गया। 10 दिवस पश्चात भी घटना की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आयी और न ही दोषियों के खिलाफ कोई पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया तथा पीड़ित पक्ष को उचित मुआवजा भी नहीं दिया गया। उक्त गंभीर घटना की तत्काल न्यायिक जांच, मृतक के परिवार को एक करोड़ रू की आर्थिक सहायता एवं परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी तथा पायल छात्रा के इलाज एवं आगे की पढ़ायी का खर्चा म.प्र. शासन द्वारा उठाने और शिक्षक, पंचायत सचिव एवं अन्य दोषियों के खिलाफ पुलिस प्रकरण पंजीबद्ध करवाने के आदेश प्रशारित कर कठोर कार्रवाई की जाए।बैठक में आदिवासी समाज के वरिष्ठ रिटायर शिक्षक तेनसिंग भावरे जी, गजानन्द ब्राह्मणे, विधायक राजन मंडलोई, पोरलाल खरते, प्रकाश बंडोड़ , सीमा वास्कले, राजेश कन्नौजे, सुमेरसिंह बड़ोले, अनिल सस्तिया, दिनेश खरते, सियाराम मोरे, विजय सोलंकी, पोपटलाल चौहान, विष्णु बंडडे, अनारसिंह जमरे, शिवानी रावत, सिला जामोद, परसराम सेनानी,गेन्द्राम डावर, प्रवीण डावर, भायसु सोलंकी, सरदार चौहान, राजू पटेल,धर्मवीर ब्राह्मणे, निर्मल चौहान, मालू डावर, विक्रम पंवार, महेंद्र सेनानी सहित कई समाजजन मौजूद थे।




