नीरज रवि वर्मा बौद्धिक भारत सतना
मध्यप्रदेश सतना जिले के मैहर विधायक मैहर नारायण ने मैहर में घटित घटना को लेकर जारी वक्तव्यों में कहा कि ऐसे नर पिशाचों को चौराहे पर खड़ा कर फांसी में लटका दिया जाना चाहिए जो हमारे मुख्यमंत्री जी भी लगातार बोल रहे है और यह कार्य फस्ट्रैक कोर्ट के माध्यम से अतिसीघ्र किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में फैसला तत्काल होना चाहिए तभी ऐसे कुकृत्य करने वालो पर सजा नजीर बनेगी और कानून का भय व्याप्त होगा। उन्होंने कहा कि किसी का घर गिराया जाना असंवैधानिक है देश बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान से चलता है हमे उस मर्यादा का भी पालन करना है। उत्तरप्रदेश की तुलना मध्यप्रदेश से नही की जा सकती वहां की तासीर हमारे प्रदेश से बिल्कुल भिन्न है वहा डॉन माफिया है यहाँ छोटे मोटे चोर उचक्के है। इसलिए यह परंपरा यहाँ लागू नही होनी चाहिए। क्योकि घर गिराया जाना कोई कानून नही है यह एक परंपरा है जो असंवैधानिक है। यह जो घर गिराने का दौर चल पड़ा है इसमें ऐसा करने का जो आदेश दे रहा है और जो पालन करा रहा है दोनों दोषी है चाहे सरकार हो या तंत्र हो केस रजिस्टर्ड होना चाहिए। उस माशूम को न्याय मिलना ही चाहिए उसे तत्काल दिल्ली के एम्स में एयर लिफ्ट किया जाना चाहिए साथ ही उसके परिवार जनों को उसके भरण पोषण दवा आदि के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को एक करोड़ रु दिए जाने चाहिए। श्री त्रिपाठी ने कहा कि घर गिराने से घर मे रहने वाले छोटे छोटे माशूम,बुजुर्ग माता पिता व अन्य सदस्य जिनका किये गए अपराध से कोई लेना देना नही न ही आरोपी ने उन्हें बता कर अपराध किया बेघर होने के बाद मृत्यु से भी ज्यादा कष्ट और पीड़ा झेलते है। मामले में यह बताया जाना कि घर सरकारी जमीन में बना है अवैधानिक तरीके से बना है तो जब वह घर बन रहा था तो जिम्मेवार अधिकारी उस समय क्या कर रहे थे अपने कर्तव्यो का पालन क्यो नही किया उस तात्कालिक अधिकारी को भी दंडित किया जाना चाहिए। माँ शारदा प्रबंध समिति के ये कर्मचारी आखिर वरिष्ठ अधिकारियों के अंडर में ही तो काम करते है तो सक्षम अधिकारी द्वारा इन्हें अपने कर्तव्यो के प्रति प्रशिक्षित क्यो नही किया। हजारों लोग पूरे देश से प्रतिदिन यहां आते है अगर ऐसी घटनाएं यहाँ होंगी तो यह शर्मनाक है। इनके प्रशिक्षण की सामुचित व्यवस्था यहां होनी चाहिए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरबृत्ति न हो।