प्रवीण जोशी बौद्धिक भारत समाचार
सांचौर की जीवनदायिनी नर्मदा नहर में बुधवार सुबह 10 बजे के आसपास मीठी बेरी के पास मुख्य कैनाल पर पाइप ठीक करते समय किसान पाबू सिंह का पैर फिसल गया और नहर में गिर गए। मामले को 35 घंटे बीतने के बावजूद शव बाहर नहीं निकाला जा सका है। नर्मदा नहर की मुख्य कैनाल से पाइप लगाकर किसान खेती के लिए पानी लेते है। बुधवार को नहर की मुख्य कैनाल भरी हुई चल रही थी। इस दौरान किसान पाबू सिंह पहुंचे और पाइप को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने से नहर में जा गिरे। नहर में गिरते हुए आसपास के लोगों ने देखा, तो उनको बचाने का प्रयास किया, लेकिन बचाने में सफल नहीं हो पाए। जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई। चितलवाना एसडीएम हनुमाना राम जाट सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और शव की नहर में तलाश शुरू की, लेकिन बुधवार देर रात तक शव नहीं निकाला जा सका। इसके बाद गुरुवार को एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम सवेरे से नहर में शव की तलाश कर रही है, लेकिन शाम चार बजे तक शव का सुराग नहीं मिल पाया। लगातार शव निकालने में हो रही देरी के चलते परिजनों का भी रो रो कर बुरा हाल है।