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सुशीलादेवी उमरावसिंह पटेल सेवा संस्थान खरगोन-बड़वानी द्वारा नुक्कड़ नाटक से जिले की जनता को सिकलसेल के प्रति जागरूक कर विवाह के पूर्व करवाएं सिकलसेल की जांच, लक्षण दिखने पर जाएँ अस्पताल

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रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत समाचार

बड़वानी 15 फरवरी 2023/मम्मी-पापा आपने कुंडली तो मिलवा ली है, मेरे और गुड्डू के गुण भी मिल गए हैं। लेकिन सगाई करने के पहले हम दोनों की सिकलसेल की जांच भी करवा लीजिये, यह एक वंशानुगत बीमारी है। यदि हमें सिकलसेल एनीमिया हुआ तो आने वाली पीढ़ी भी इससे प्रभावित हो सकती है। अरे वाह बिटिया, तुम तो बहुत ही समझदार हो। हमें हमारे बेटे की सिकलसेल की जांच करवाने में कोई ऐतराज नहीं है। हम तुम्हारे जैसी बहु पाकर धन्य हो जायेंगेे तथा इस तरह के अनेक सम्वादों से युक्त रोचक और शिक्षाप्रद नाटक की प्रस्तुति इन दिनों बड़वानी जिले के अनेक शहरों और कस्बों में सुशीलादेवी उमरावसिंह पटेल सेवा संस्थान खरगोन-बड़वानी के माध्यम से की जा रही है। यह नाटक प्राचार्य डॉ. एनएल गुप्ता के मार्गदर्शन में कार्यरत शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी के सवामी विवेकानन्द करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के रंगकर्म में प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। इस नाटक में वर्षा मुजाल्दे, वर्षा मेहरा, सुरेश कनेश, दिलीप रावत, स्वाति यादव, हिमांशी वर्मा, नमन मालवीय, सुभाष चैहान, प्रज्ञा कुमावत, प्रितेश बिल्लोरे, अमन सोनी, राजवीर सिंह सिसौदिया, उमेश किराड़, पूनम कुशवाहा, तुषार गोले, विकास बामनिया, हरीश वर्मा, पवित्र गुप्ता, भियारी गुर्जर, राधा सूर्यवंशी, श्रीकांत भटोदरा, कन्हैया फूलमाली द्वारा विभिन्न भूमिकाएं निभाई जा रही हैं। नाटक की आक्ल्पना प्रीति गुलवानिया ने की है, निर्देशन मधुसूदन चैबे एवं राजवीर सिंह सिसौदिया ने दिया। नाटक के सभी किरदारों का अभिनय अच्छा है लेकिन सबसे अधिक सरहाना गुड्डी बनी वर्षा मुजाल्दे, गुड्डू राधा सूर्यवंशी, तांत्रिक उमेश किराड़ और सुरेश कनेश को मिल रही है. इनके सम्वादों पर दर्शक खूब तालियाँ बजा रहे हैं। इस नाटक के माध्यम से बताया जा रहा है कि सिकलसेल एक अनुवांशिक बीमारी है जो महिला एवं पुरुष दोनो में हो सकती है। इस बीमारी में रोगी की लाल रक्त कोशिकाएँ हंसियाकार आकार में परिवर्तित हो जाती है जिससे रोगी की रोगप्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे रोगी उपाय के तौर पर अपने खून की जाँच कराए और संतुलित आहार ले एवं नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर अपनी प्राथमिक एवं नियमित जाँच कराए। सिकलसेल के रोगियों को रक्त की आवश्यकता पडती है इसकी पूर्ती के लिए आवश्यक है कि सभी नागरिक अधिक से अधिक रक्तदान करें। नाट्य दल द्वारा रक्तदान के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है और दर्शकों को रक्तदान के लिए शपथ दिलवाई जा रही है।

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