सांचौर के डाक बंगले में बुधवार को भारतीय किसान संघ की बैठक जोधपुर संभाग सदस्य छोगाराम चौधरी के मौजूदगी में आयोजित हुई।
प्रवीण जोशी बौद्धिक भारत समाचार
सांचौर के डाक बंगले में बुधवार को भारतीय किसान संघ की बैठक जोधपुर संभाग सदस्य छोगाराम चौधरी के मौजूदगी में आयोजित हुई। जिसमें किसानों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया। किसानों ने बताया कि फसल उत्पादन की बढ़ती लागत, घटते भूजल स्तर, वर्षा आधारित कृषि पर अधिक निर्भरता से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अधिकतर किसान अभी भी वर्षा आधारित खेती पर निर्भर है। अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में सिंचित रकबा बढ़ाने में भी राजस्थान अत्यधिक पिछड़ा हुआ है। इसलिए प्रदेश में लंबित नहरी परियोजनाओं को पूरा करने के साथ मौजूदा नहरी परियोजनाओं का विस्तार कर किसानों को नहरी सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाकर प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ाने, फसल उत्पादन की बढ़ती लागत को कम करने के लिए कृषि आदानों से जीएसटी खत्म करने, मध्यप्रदेश व तेलंगाना की तर्ज पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि राशि में प्रदेश की ओर से राशि जोड़ कर सभी किसानों को 15 हजार रुपए की किसान सम्मान निधि राशि सीधे बैंक खातों में देने, गड़बड़ाई हुई विद्युत आपूर्ति सुधार कर कृषि सिंचाई के लिए गुणवत्ता युक्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। किसान नेता छोगाराम ने बताया कि प्रदेश में 7 लाख से अधिक किसानों का कृषि विद्युत कनेक्शन का विद्युत बिल शून्य है। शेष किसान भूजल गहरा होने के कारण बड़े हॉर्सपावर की मोटरें चलाते है। जिसके चलते सभी किसानों को फसल सिंचाई के लिए निशुल्क 7 घंटे विद्युत आपूर्ति की सरकार करे। जिससे किसान कर्ज के बोझ से बाहर निकल सके। इसके अलावा 1 लाख 50 हजार तक के फसली ऋण को ब्याज मुक्त करने की मांग की। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष पाबू राम ने कहा कि कर्ज माफी के चुनावी वादे से कर्ज माफी की उम्मीद में लाखों किसानों ने ब्याज नहीं चुकाया। जिसके कारण ज्यादातर बैंको ने उन किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। ऐसे किसानों की ब्याज व पेलेंटी को माफ कर जमीन कुर्की होने से बचाने सरकार पहल करे। वहीं ज्ञापन में किसानों ने सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर अधिसूचित होने के बावजूद लहसुन की खरीद नहीं की गई। इसलिए समर्थन मूल्य पर अधिसूचित सभी फसलों की पीएम आशा योजना व अन्य फसलों की बाजार हस्तक्षेप नीति के तहत खरीद सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि अगर इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो भारतीय किसान संघ के बैनर तले प्रदेशभर से किसान जयपुर में महापड़ाव डालेंगे। इस दौरान परखा राम, आंबा राम, सवाराम, मेहरा राम, छगन लाल, मंगलाराम, दीपाराम, रायचंद, देवाराम व सांवला राम सहित अन्य मौजूद रहे।