श्री ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन, भारतीय श्री धर्मसीजी फाउंडेशन ट्रस्ट एवं श्री ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन जिला जालोर की बैठक का आयोजन हुआ।
ब्राह्मण स्वर्णकार समाज की राष्ट्रीय संस्था अखिल भारतीय श्री धर्मसीजी ट्रस्ट की सुबह 11 से दो बजे तक बैठक संपन्न हुई जिसमें महेन्द्रजी डीडवाना द्वारा समाज की हरिद्वार धर्मशाला निर्माण की योजना की सफलता के बाद अब तीर्थ स्थल पुष्कर मे विशाल धर्मशाला निर्माण की बात रखी, जिस पर सभी की सहमति बनी एवं पुष्कर मे चार से छ: बीघा जमीन खरीद हेतु समिति का गठन किया एवं जल्दी ही जमीन देखने का प्रस्ताव पारित हुआ।संस्था द्वारा जालोर जिले के दिवंगत के नाम परिजनों को एवं वर्तमान समाजसेवियों एवं भामाशाहों का सम्मान किया गया।बैठक मे गिरधारीलाल जी ईडर, लीलाधरजी मेड़ता, देवीचन्दजी डीसा, गोविन्द प्रकाशजी नागौर, मेवारामजी बाड़मेर, मोहनलालजी बाड़मेर, प्रेमजी फलौदी, भंवरलालजी अहमदाबाद, रमेश जी मालपुरा, कमलेश जी अहमदाबाद सहित जोधपुर, नागौर, नागपुर, साबरकांठा, अहमदाबाद, दुंदाड़ा, फलौदी, बाड़मेर, ओसियां जालोर सहित समाज के राष्ट्रीय स्तर के दर्जनों पदाधिकारी उपस्थित रहे।दोपहर बाद श्री ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ, संस्था की कार्यकारिणी को तीन वर्ष पूरे होने पर नवीन कार्यकारिणी गठन की चर्चा हुई, आगामी जुलाई माह मे गुरु पूर्णिमा पर अणदारामजी धाम मोदरान मे गुरु महोत्सव की चर्चा हुई।नवीन कार्यकारिणी की बात पर एकबार पुनः सर्व सम्मति से रमेश सोनी पुनासा को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया एवं नवीन कार्यकारिणी जल्दी घोषित करने का प्रस्ताव पारित हुआ, लगातार तीसरी बार रमेश सोनी पुनासा को जिलाध्यक्ष बनाया गया हैं।

गुरु पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को विशाल एवं भव्य बनाने को लेकर चर्चा हुई, कार्यक्रम मे प्रथम दिवस रात्रि मे विशाल भजन संध्या कार्यक्रम की रुपरेखा बनाई, दूसरे दिन प्रतिभा सम्मान, सांस्कृतिक प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय हुआ, कार्यक्रम की आमंत्रण पत्रिका जिले मे समाजबंधुओं को घर घर वितरित करने की जिम्मेदारी दी गई।बैठक पश्चात सभी ने निर्माणाधीन श्री अणदेश्वर वाटिका का अवलोकन किया, भामाशाहों द्वारा घोषणाएं भी की गई।बैठक मे मांगीलालजी सांथू, धनराजजी बाकरा, भंवरलालजी दासपा, देवीचन्दजी मेगलवा, पुखराजजी वाली, सरेमलजी दांतीवास, सांवलचंदजी भीनमाल, हीरालालजी सांचौर, भंवरलालजी खोखा, भुरमलजी नोहरा, घेवरचंदजी धुम्बड़िया, लेखराज जी तिलोड़ा, छगनलाल जी ओटवाला, तेजराजजी दांतीवास, प्रवीणजी अहमदाबाद, कैलाश जी दासपा, राजमलजी बागोड़ा, भावेशजी सांचौर, प्रदीपजी सांचौर, जितेशजी जालोर, राधेश्यामजी हाडेचा, जितुजी जीवाणा, मुकेशजी सांचौर, गोविन्द जी रामसीन, चन्दुलालजी भीनमाल, दिनेश जी रेवदर, महेन्द्र जी भीनमाल, पुरुषोत्तम जी रामसीन, घेवरचंदजी डोरडा, दिनेश जी चाटवाड़ा, शंकरलालजी कोड़का, राजुजी पांथेडी, नटवरजी डोरडा, कैलाश जी बाकरा, पारसमल जी भीनमाल, प्रवीणजी निम्बावास, अशोकजी टीटोप, चम्पालालजी करड़ा, दीपकजी भीनमाल, लक्ष्मणजी रामसीन, विक्रमजी सामरानी, अरविन्द कोड़का, दिनेशजी मोदरान सहित सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही