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नर्मदा नीर को लेकर31वे दिनआंदोलन जारी,सद्बुद्धि यज्ञ आज।

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भीनमाल-पेयजल संकट से जूझ रहे भीनमाल नगर सहित विधानसभा क्षेत्र के वाशिंदों द्वारा गठित नर्मदा नीर संघर्ष की ओर से स्थानीय एसडीएम कार्यालय के समक्ष आयोजित गैर राजनी तिक बेमियादी धरना प्रदर्शन के 31वे धरना जारी रहा।इस दौरान निकटवर्ती कोरा गांव के ग्रामीणों द्वारा धरने में भाग लेकर आंदोलन का समर्थन किया।करीब 11 बजे कोरा सरपंच खेमराज देवासी के नेतृत्व में बडी तादाद मेंमहिला व पुरूष करीब दर्जनभर वाहनों में सवार होकर धरना स्थल पहुंचे।इस दौरान ग्रामीणों के हाथों में मांगो के समर्थन में नारो से लिखी तख्तियां थामी हुई थी।करीब एक घन्टा भर तक धरना में भाग लिया।इस दौरान कोरा सरपंच खेमराज देवासी ने कहा कि आजादी करीब 74 वर्ष बाद भी भीनमाल नगर सहित विधानसभा क्षेत्र के बाशिंदे बून्द बून्द पानी को तरस रहे है और पेयजल के लिए आंदोलन को उतारू होना पड़ रहा है।उन्होंने पेयजल संकट के लिए सरकारी व प्रसाशनिक व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए नर्मदा का पानी उपलब्ध होने तक आंदोलन को जारी रखने के लिए तन मन व धन से सहयोग का संकल्प लिया।लक्ष्मण भजवाड कोरा, कपूरचंद गहलोत व अधिवक्ता अशोके सिंह ओपावत ने भी विचार व्यक्त किए।इसके बाद रैली के रूप में मांगो के समर्थन में नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे।यहाँ पीएम व सीएम के नाम तहसीलदार रामसिंह राव को ज्ञापन सौपा।ज्ञापन में बताया कि औसत से कम वर्षा के चलते जलस्तर करीब एक एक हजार फीट गहरा पहुँच गया हैं।हजार फीट पर भी खारा व फ्लोराइडयुक्त पानी उपलब्ध होता हैं, जिसे इंसान के लिए पीने के उपयोग में लेना यानी कई प्रकार की बीमारियों को आमंत्रण देने के समान है

।ऐसे हालात में सरकार द्वारा पेयजल की व्यवस्था नही होने की वजह से लोगो को भारी आर्थिक व समय का नुकसान उठाना पड़ रहा है।ज्ञापन में भीनमाल नगर सहित विधानसभा क्षेत्र के लिए स्वीकृत नर्मदा परियोजना ईआर प्रोजेक्ट का कार्य दिसम्बर 21तक पूर्ण करवाकर पानी उपलब्ध करवाने की मांग की है।अन्यथा आंदोलन में ग्रामीणो द्वारा पूर्ण रुप से भाग लेकर बड़ा रूप प्रदान किया जाएगा।जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रसाशन व सरकार की होगी।इस अवसर पर ग्रामीण नारायणसिंह, कस्तूराराम, माधाराम, मानाभारती,उकाराम, वेलाराम, मांगाराम,भमराराम,मूलचंद सोनी, टीकमसिंह, करणाराम चौधरी,जोईताराम चौधरी, रेवाराम सेन,ओटाराम चौधरी व नगाराम सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरूष मौजूद थे।धरना प्रदर्शन के तहत अनशन के तीसरे दिन बुधवार को पीरसिंह राव,सरदार सिंह डाबी,अंबालाल,बाबूलाल घांची व टीकमाराम माली अनशन पर रहे।इस अवसर पर बड़ी संख्या में समिति के सदस्य व नगरवासी मौजूद थे।करीब 31 दिनों से जारी लगातार धरना प्रदर्शन व ज्ञापन का असर अब राजनेताओं पर पड़ने लगा है।पेयजल संकट को लेकर आंदोलन को रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल ने गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को पत्र सौपकर नर्मदा परियोजना के कार्य को लेकर विधानसभा में चर्चा की मांग उठाई।वही बुधवार को भीनमाल विधायक पूराराम चौधरी ने जलदाय मंत्री बीड़ी कल्ला से उनके कार्यालय में मुलाकात कर भीनमाल विधानसभा क्षेत्र के लिए राज्य सरकार द्वारा 2008 में स्वीकृत नर्मदा परियोजना का कार्य करीब पांच वर्ष देरी से चलने ओर वर्तमान कार्य की गति के अनुसार आगामी पांच वर्ष में पूर्ण नही होना बताया।विधायक ने भीनमाल में पेयजल संकट को लेकर करीब डेढ़ माह से संचालित आंदोलन से अवगत करवाकर नर्मदा परियोजना का कार्य शीघ्र उपलब्ध करवाने की मांग की।विधायक चौधरी ने भीनमाल विधानसभा क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास से अवगत करवाकर क्षेत्रवासियों की परीक्षा नही लेने की बात कही।अन्यथा क्षेत्रवासियों द्वारा संचालित आंदोलन उग्र रूप धारण करने को लेकर आगाह किया।कुल मिलकर करीब डेढ़ माह बाद आंदोलन की गूंज सीएमओ व विधानसभा तक पहुंच गईं।लेकिन अभी तक जिला प्रसाशन द्वारा आंदोलन को नजरअंदाज करने व हल्के में आंकने की वजह से क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं।यदि जिला प्रसाशन का यही अडियल रवैया रहा तो पिछले किसान आंदोलन की भांति बड़ा रूप धारण कर सकता हैं।ऐसी स्थिति में पुलिस प्रसाशन के समक्ष कानून व्यवस्था का संकट उत्पन्न हो सकता है।हालांकि राज्य सरकार व प्रसाशन की सद्बुद्धि के लिए समिति द्वारा गुरुवार को एसडीएम कार्यालय के समक्ष सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।इसके बाद अगली कड़ी में प्रसाशनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के निवास व ऑफिस के समक्ष मटका फोड़,ढोल नगाड़ा व घण्टी बजाकर जगाने के अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन रखा गया हैं।विडंबना तो यह हैं जिला प्रसाशन की भांति सत्ताधारी दल का एक भी नेता उक्त समस्या समाधान के लिए आगे नही आया है।

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