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क्षेमंकरी माताजी ट्रस्ट के अध्यक्ष ठाकुर राव सरदारसिंह ओपावत का निधन।भीनमाल नगर में छाई शौक की लहर, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब।

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भीनमाल 17 जनवरी। राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल क्षेमंकरी माताजी ट्रस्ट के अध्यक्ष ठाकुर राव सरदारसिंह ओपावत का शनिवार की रात्री को स्वर्गवास होने से नगर में शोक की लहर छा गई। रविवार को नगरवासियों ने नमः आँखों से शाही सम्मान के साथ बैकुण्ठी निकाल कर राव सरदारसिंह ओपावत को 36 कौम के लोगों ने सजल नेत्रों से अंतिम विदाई दी। शासनिक राव समाज के गौरव और भीनमाल के पूर्व ठाकुर राव सरदारसिंह सरदारसिंह ओपावत को 36 कौम एक समर्पित समाजसेवी, कुशल प्रशासक, इतिहासकार, शिक्षाविद्, ओजस्वी वक्ता एवं बुलंद हौसले वाले व्यक्तित्व के रूप में सदैव याद रखेगी।
राव के आकस्मिक निधन से नगर एवं राव समाज को अपूरणीय भारी क्षति हुई है। विशाल ट्रस्ट के आधारस्तम्भ और महान भक्त मां क्षेमंकरी ने सपने में आकर सरदारसिंह को प्रेरणा दी थी जिसके फलस्वरूप राव ने पहाड़ी पर बसे छोटे से मंदिर का कायाकल्प कर दिया। क्षेमंकरी मां के वरदान से राव ने अथक प्रयासों से यह तीर्थ स्थल प्रदेश के बड़े पर्यटक स्थलो में शुमार किया जो आज राजस्थान व गुजराती भक्तों की आस्था का केंद्र हैं। आज यहां दर्शन करने के लिए हजारों लोग राजस्थान के अलावा अन्य प्रदेशों से दर्शन करने आते हैं वहीं यहां पर कई लोगों रोजगार प्राप्त करते हैं जिसका श्रेय राव सरदारसिंह को जाता हैं।

समर्पित समाजसेवी : ठाकुर राव सरदारसिंह ओपावत 1993 में क्षेमंकरी माताजी ट्रस्ट के अध्यक्ष बने थे। तब लगातार 28 साल अध्यक्ष पद पर बने हुए थे। अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान ही ओपावत का निधन हुआ है। इससे पहले प्रथम अध्यक्ष रहे अचलेश्वर व्यास के कार्यकाल में उपाध्यक्ष थे। इसके अलावा अतिप्राचीन वाराहश्याम मन्दिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष, सीएलजी सदस्य, कुशल शिक्षक, महाकवि माघ स्मृति संस्थान के संरक्षक, कई राजनीतिक पार्टियों और भीनमाल के संगठनों का मार्गदर्शन किया हैं। राव ने नगरवासियों के हितों के लिए ट्रस्ट से करोड़ों रुपए स्वीकृत करवाए थे।
दबंग व्यक्तित्व — : नगर के कई प्रमुख फैसलों में राव के निर्णय को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त था फिर चाहे वो बालसमंद की पाल का निर्माण हो या अति संवेदनशील सांप्रदायिक मुद्दा। सरदारसिंह के दबंग व्यक्तित्व के कारण ही आजतक क्षेमंकरी माता की करोड़ों की भूमि सुरक्षित रखी।

शाही सम्मान के साथ विदाई –: राव सरदारसिंह ओपावत को रियासतकाल से ही “ताजिमी सरदार” और “भीनमाल के ठाकुर” की उपाधि प्राप्त थी। कुल परंपरा के अनुरूप ही शाही पालकी में ढोल नगाड़े की साथ नम आंखों से विदाई दी गई। शव यात्रा ईरानियों के मोहल्ले स्थित कोटड़ी से शुरू होकर मुख्य बाजार, बड़े चौहटे, चार भुजा रोड़, पुरानी टंकी, जुंजाणी बस स्टैंड होते हुए निलकण्ठ महादेव मंदिर के सामने स्थित से राव समाज शमशान भूमि पर पहुंची जंहा पर अंतिम संस्कार किया गया।
भीनमाल। क्षेमंकरी माताजी ट्रस्ट के अध्यक्ष ठाकुर राव सरदारसिंह ओपावत का फोटो लगाना।

भीनमाल। क्षेमंकरी माताजी ट्रस्ट के अध्यक्ष ठाकुर राव सरदारसिंह ओपावत के अंतिम संस्कार मे उमड़े नगरवासी।

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