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66 दिन से चल रहा नर्मदा संघर्ष समिति का आंदोलन स्थगित

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कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने भीनमाल आकर की नर्मदा संघर्ष समिति से वार्ता  
 ( माणकमल भंडारी
भीनमाल ।

सात दिन में एक बार पानी सप्लाई से परेशान होकर शहर में नर्मदा का पानी लाने को लेकर  दो महीने से चल रहा आंदोलन मंगलवार को स्थगित कर दिया। मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि  कलेक्टर नम्रता वृष्णि और उपखंड अधिकारी जवाहरराम चौधरी स्थानीय विकास भवन में नर्मदा संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ करीब एक घंटे तक समझौता वार्ता की । सरकार से वार्ता कराने में वरिष्ठ समाजसेवी श्रवणसिंह राठौड़ ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। कलेक्टर नम्रता वृष्णि के तय समय सीमा में 31 दिसम्बर तक पानी पहुँचाने का भरोसा दिलवाया। साथ ही कलेक्टर ने मौके पर ही नर्मदा संघर्ष समिति के दो सदस्यों को शामिल कर उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करने के आदेश भी दिए। इसके बाद संघर्ष समिति के मोहनसिंह सिसोदिया और शेखर व्यास ने सबकी आम सहमति से आंदोलन स्थगित करने को घोषणा की।

इस समझौता वार्ता में नर्मदा संघर्ष समिति के दिनेश दवे नवीन ने खुलासा किया कि जयपुर में मुख्य सचिव निरंजन आर्य और मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव राजन विशाल के साथ अलग अलग दौर की मीटिंग की। 

श्रवणसिंह राठौड़ के साथ जयपुर गया प्रतिनिधि मंडल, मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई वार्ता

नर्मदा समर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य शेखर व्यास ने समझौता वार्ता के दौरान खुलासा किया कि वरिष्ठ समाजसेवी श्रवणसिंह राठौड़ ने सरकार से वार्ता कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। श्रवणसिंह राठौड़ के साथ यहां से संघर्ष समिति के मोहनसिंह सिसोदिया, शेखर व्यास और श्याम खेतावत जयपुर गए। वहां राठौड़ ने प्रतिनिधिमंडल की 8 अक्टूम्बर को सबसे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी नेता पुखराज पाराशर से मुलाकात कराई। इसके बाद पाराशर के नेतृत्व में नर्मदा आंदोलन की टीम मुख्यमंत्री कार्यालय गयी। वहां मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव राजन विशाल से एक घन्टे तक मुलाकात हुई। जिसमें समिति के सदस्यों ने बताया कि 2013 में शुरू हुआ नर्मदा का ये प्रोजेक्ट 2016 में पूरा हो जाना था, लेकिन अफसरों की लापरवाही और जन प्रतिनिधियों की ढिलाई की वजह से अभी तक पानी नहीं मिल पाया है। समिति के सदस्यों ने नक्शे के जरिये दिसम्बर 2021 तक पानी पहुंचाने को लेकर व्यवहारिक सुझाव दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव राजन विशाल ने नर्मदा के चीफ इंजीनियर समेत सभी सम्बंधित अफसरों को फोन कर देरी करने और गुमराह करने को लेकर डांट लगाई। साथ ही हर सात दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने तय समय पर पानी लाने को लेकर समिति को आश्वस्त किया। इस पूरी मीटिंग में वरिष्ठ नेता पुखराज पाराशर और श्रवण सिंह राठौड़ मौजूद रहे। 

 मुख्य सचिव निरंजन आर्य से सफल वार्ता

मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि इसके बाद नर्मदा संघर्ष समिति के मोहनसिंह सिसोदिया, शेखर व्यास और श्याम खेतावत ने पुखराज पाराशर और श्रवणसिंह राठौड़ के नेतृत्व में सचिवालय में मुख्य सचिव निरंजन आर्य से उनके आफिस में मुलाकात की। इस दौरान संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य सचिव ने करीब पौने घंटे तक वार्ता की। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने जलदाय विभाग के आला अधिकारियों और नर्मदा नहर के अधिकारियों से पूरी डिटेल में बात की। मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि सरकार की पूरी कोशिश रहेगी कि तय समय पर शहर को नर्मदा का पानी मिले। उन्होंने संकेत दिए कि जल्दी ही जलदाय विभाग के अधिकारी ग्राउंड पर दौरा करने आएंगे। 


कलेक्टर ने की समझौता वार्ता 


मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने मंगलवार को भीनमाल पहुंच कर उपखंड मुख्यालय में बने विकास भवन में संघर्ष समिति के सदस्यों से वार्ता की। सबसे पहले समिति के वरिष्ठ सदस्य शेखर व्यास और दिनेश दवे “नवीन” ने इस गैर राजनीतिक आंदोलन को शान्तिपूर्वक चलाने को लेकर आंदोलन में शामिल सभी सदस्यों और नागरिकों को धन्यवाद दिया। दोनों सदस्यों ने आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को लेकर वरिष्ठ समाजसेवी श्रवणसिंह राठौड़ को धन्यवाद दिया।
इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टर के समक्ष मांग पत्र पढ़कर सुनाई। फिर समिति के सभी सदस्यों ने कलेक्टर को अपना मांग पत्र सौंपा। इसके बाद श्रवणसिंह राठौड़ ने खड़े होकर इस आंदोलन को शान्तिपूर्वक और संविधान की मूल भावना के अनुरूप चलाने को लेकर सम्बोधन दिया। अंत में कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने खड़े होकर आश्वासन दिया कि नर्मदा नहर का पीने का पानी शहर में तय समय पर पहुंचाने का मैं भरोसा दिलाती हूँ ।

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