( व्यसन मुक्त, संस्कार युक्त समरस, धार्मिक समाज की स्थापना हेतु 120 वे यज्ञ का आयोजन )
( गुरुकुलों के निर्माण में बड़े मंदिर ट्रस्टों से आगे आने का आह्वान)
ललीत हौंडा बौद्धिक भारत भीनमाल
सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा अपने घर घर यज्ञ अभियान के माध्यम से समरस, समरूप, एकरूप व व्यसन मुक्त संगठित हिंदू समाज की स्थापना हेतु अगली कडी में 9 फरवरी, 2025, रविवार की सांय भगवती नगर में अपने 120 वें यज्ञ का आयोजन किया। सनातन संस्कृति जागरण संघ के सदस्य पत्रकार मुकेश कुमार सोलंकी ने बताया कि यज्ञ में पांचाराम माली सपत्नीक मुख्य यजमान बने और उनके अलावा कुंड पर अन्य परिवारजनों एवम बस्ती के बंधुजनों ने बैठ यज्ञ में भाग लिया। इनके अलावा दर्जनों बंधु , मातृशक्ती व बच्चों ने भी यज्ञ में आहुति दी। यज्ञ की समाप्ति होने पर यज्ञ वेदी को साक्षी मानकर कई लोगों ने मांसाहार, शराब, बीड़ी, गुटखा आदि व्यसन छोड़ने का संकल्प लिया। यज्ञ के बाद सभी आगंतुक बंधुओं ने एक साथ चाय पानी व जलपान किया, यज्ञ के उपरांत चर्चा का मुख्य विषय धर्म प्रचार एवं शस्त्र व शास्त्रों की शिक्षा देने हेतु प्राचीन परम्परा के गुरुकुलों के निर्माण हेतु भीनमाल के बड़े मंदिर ट्रस्टों की भूमिका निर्धारित एवं निश्चित करने तथा इस कार्य हेतु ट्रस्टों से आगे आने का आह्वान वालाराम मौर्य एवं दीपाराम माली ने किया जिसका सभी ने एकमत से समर्थन किया। इस अवसर पर बस्ती के कई लोग सनातन संस्कृति जागरण संघ के साथ जुड़े संगठन के मीडिया प्रभारी श्री माणक भंडारी ने बताया कि इस अवसर पर सनातन संस्कृति जागरण संघ के बहुत से सदस्य व अन्य श्रोता जन उपस्थित थे जिनमें ओमप्रकाश खेतावत, तार चंद फुलवारियां, राजेंद्र चाजेड, देसाई, अशोक धारीवाल, एडवोकेट, दिनेश हिंगड़ा, गोपाल बालोंत, नारायण लाल सुथार, दिनेश भाटी, बाबूलाल जीनगर, ठेकेदार ओटाराम मेघवाल, वालाराम मौर्य, दीपाराम माली, ताराराम पाऊंआ, पत्रकार मुकेश सोलंकी, लक्ष्मण सिंह जाट, शंकरलाल गहलोत, भरत गहलोत, भंवरलाल माली, रमेश राणा, राहुल जीनगर, आर्य राहुल बंजारा, आर्य अक्षय बंजारा, इंद्रसिंह आर्य, आर्य रोहित मेघवाल, रवि बंजारा आदी रहे। यज्ञ का सम्पादन राव विक्रम सिंह आर्य ने वैदिक रीति से करवाया। सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा पिछले लंबे समय से भीनमाल व उसके आसपास के क्षेत्रों में चलाए जा रहे यज्ञ कार्यक्रम ने हिंदू समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक समानता व समरसता की स्थापना एवम यज्ञ द्वारा धर्म जागरण के साथ साथ सैकड़ों लोगों को नशा एवम मांसाहार छोड़ने को प्रेरित किया है। इस यज्ञ अभियान में हर सप्ताह अलग अलग बस्तियों में यज्ञ का आयोजन कर राष्ट्र, समाज व धर्म की रक्षा का संदेश दिया जाता है, जिसके जन जागृति के रूप में सकारात्मक परिणाम भी समाज में देखने को मिल रहे है। व्यक्ति से व्यक्ति व समाज से समाज को जोड़ने हेतु घर घर यज्ञ अभियान ने सर्वश्रेष्ठ माध्यम के रूप में नगर में अपनी अलग पहचान बनाई है।

