रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत बड़वानी
बड़वानी 26 जुलाई 2024/ यह सच है कि पौधों को प्रारंभिक अवस्था में पानी के साथ सुरक्षा उपलब्ध हो जाए तो उन्हें वृक्ष बनने से कोई नहीं रोक सकता। यह बात शिव कुंज आशा ग्राम सहित शहर से लगी हुई अन्य पहाड़ियों पर जिम्मेदारी के साथ किए गए पौधारोपण और उनकी वृद्धि को देखकर समझी जा सकती है। 8 अगस्त 2021 को हरियाली अमावस्या के दिन जिला प्रशासन के साथ समाजसेवी संस्थाओं के दाधिकारी कई शासकीय, अशासकीय कर्मचारी, नगर पालिका बड़वानी एवं आम जन के साझा प्रयास से शिवकुंज पर बड़ी संख्या में पौधे रोपे गए थे। वह आज वीरान पहाड़ी को हरा भरा बनाकर जहां नयनाभिराम आनंद प्रदान कर रहे हैं। वही इन पौधों के कारण प्रातः शिवकुंज आने वालों को योग के साथ में प्राकृतिक सानिध्य का दोहरा लाभ प्राप्त हो रहा है। इस कार्य में लगे शिवकुंज के स्वयंसेवक जहां वर्ष भर इन पौधों की देखभाल करते हैं वहीं फेंसिंग की सुरक्षा का भी ध्यान रखना होता है। यह भी सच है कि जितने लोग पौधों की सुरक्षा के लिए तत्पर दिखाई देते है।ं उससे कहीं अधिक संख्या में लोग पौधों को पशुओं के माध्यम से अथवा अन्य माध्यम से क्षति पहुंचाने वाले होते हैं। ऐसी स्थिति में स्वयंसेवकों के लिए कार्य दायित्व चुनौती भरा हो जाता है किंतु इन पौधों की प्रगति देखकर सारी बाधाए बोनी सिद्ध होती हैं। इस वर्षाकाल में शिवकुंज पहाड़ी पर हरियाली का दृश्य बरबस ही मन मोह लेने वाला है।
