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हेलमेट आपका सुरक्षा कवच है यह सिर का भार नहीं आपके जीवन का आधार है -डॉ॰ लखन गांगले

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रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत बड़वानी

सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2021 के दौरान कुल 412432 सड़क हादसे दर्ज किए गए वही 153972 लोगो कि जान चली गई और 384448 लोग सड़क हादसे के दौरान घायल हुए ।वही दो पहिया वाहनों के एक्सीडेंट के समय हेलमेट ना पहनने से 46593 लोगों की जान चली गई है ।

सड़क दुर्घटना के प्रमुख कारण
1.बरसात के दिनों में लापरवाही से बाइक चलाने पर सड़क दुर्घटनाएं बहुत अधिक होती है । इसका प्रमुख कारण यह है कि रोड़ पर पानी भरा रहता है । जिससे कि गड्ढों का पता ही नहीं चलता । बाइक के ब्रेक भी सही ढंग से नहीं लगते हैं।एक रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं शाम 6:00 बजे से रात 9:30 के बीच में हुई है ।
2.तेज रफ्तार से बाइक चलाना या एक्सीडेंट झोंन में तेज रफ्तार होना या अंधे मोड़ का ध्यान नहीं रखना ।
3.बाइक पर तीन या चार सवारी का बैठाना,जिससे कि बैलेंस बिगड़ जाता है । और गाड़ी को रोकना मुश्किल हो जाता है ।
4.नशे की हालत में गाड़ी चलाना ।
5.ओवरटेक करना ।
6.रोड के नियमों के बारे में सही-सही जानकारियां ना होना ।
7.18 साल से छोटे बच्चों के द्वारा बाइक चलाना ।
8.बाइक सही ढंग से ना होना जैसे उसके ब्रेक सही नहीं होना, टायरों का घिस जाना।
9.मोबाइल पर बात करते समय ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं होती है ।
10.समय सीमा में पहुंचने का लक्ष्य पूरा करने के चक्कर में भी कई बार तेज रफ्तार के कारण सड़क दुर्घटनाएं होती है।उपर्युक्त प्रमुख कारणों से ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं हो सकती है या होती है ।
समाधान पर चर्चा – सावधान रहें ,सुरक्षित रहें,छोटी छोटी मगर मोटी बातें इनका अवश्य ध्यान रखें! मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर कई सड़क पाखवाडो का आयोजन किया जाता, है जिसमें विशेषकर हेलमेट पहनने की सलाह दी जाती है, सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी जाती है ,सड़क पर गाड़ियां चलाने के नियमों से अवगत कराया जाता है , सड़क दुर्घटनाओं से कैसे बचा जाए इस हेतु सोशल मीडिया के माध्यम से, एवम महाविद्यालयो में महाविद्यालयों में भी इस हेतु जागरूकता अभियान चलाये जाते है! सदैव हेलमेट पहने ,हेलमेट भार नहीं ,आपका जीवन बचाने का आधार है! आवश्यक होने पर भी,18 साल से कम उम्र के बच्चों गाड़ी नहीं चलाने देवे ! सदैव अपनी सड़क के बाई और ही चलें। आवश्यक होने पर भी तेज रफ्तार से गाड़ी ना चलाएं , ना ही ओवरटेक करें । दुर्घटना से देर भली वाक्य का सदैव ध्यान रखें!
गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर प्रतिबंध लगाएं । पूरा ध्यान गाड़ी चलाने में लगावे । नजर हटी, दुर्घटना घटी । गाड़ी का बीमा अपडेट करा कर रखें । बिना लाइसेंस के गाड़ी ड्राइव न करें । समय-समय पर गाड़ी की सर्विसिंग कराएं । उसके ब्रेक ठीक कराएं । विशेषकर दोनों टायर के ग्रिप का ध्यान रखें, हवा ज्यादा और कम ना हो । गाड़ी की लाइट खराब होने की स्थिति में कभी भी रात में गाड़ी ना चलाएं! जब तक हम गाड़ी चलाने में पारंगत नहीं हो जाते तब तकभरे बाजार या मुख्य मार्ग पर गाड़ी ना चलाएं । रिस्क ना लें । शराब पीकर कभी गाड़ी ना चलाएं । शराब पीकर गाड़ी चलाने से आपके जीवन को खतरा तो है ही ,परंतु आप बहुत सारे बेकसूर लोगों की जान भी ले लेते हैं । ऐसा कई मर्तबा आपने देखा होगा, सुना होगा । शादी के अवसर पर, जन्म दिवस के अवसर पर ,या कोई अन्य कार्यक्रम जिसमें हम गिफ्ट देते हैं ,मेरा ऐसा छोटा सुझाव है कि हम गिफ्ट में हेलमेट दें सकते हैं । हेलमेट पहनने की आदत बनाएं यह आपके जीवन का सुरक्षा कवच है । आओ, हम सब मिलकर हेलमेट पहनने का अभियान चलाएं । लोगों का जीवन बचाएं । कई बार हम अखबारों के माध्यम से न्यूज़ के माध्यम से या हमारे परिचित लोगों के द्वारा एक्सीडेंट का पता चलता है। जिसमें कई लोगों की मौत हो जाती है । जिसमें यह बात सामने आती है कि यदि वह व्यक्ति हेलमेट पहना होता तो शायद उसका जीवन बचाया जा सकता था । एक्सीडेंट में जिस व्यक्ति की मृत्यु हुई है, वह किसी के लिए तो आम नागरिक है किंतु अपने परिवार के लिए वह सब कुछ था ।किसी की आंखों का तारा था, तो किसी का दुलारा था, तो किसी का सहारा था ,किसी के घर के कमाने वालों में वह एकमात्र आसरा था, किसी के बुढ़ापे का सहारा था, किसी की मांग का सिंदूर था ,या किसी की पूरी दुनिया ही हुआ था!आओ हम सब मिलकर मानव जाति को बचाने के लिए हेलमेट पहनने जैसी पहल को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें ।शुरुआत हम स्वयं से करें, हम सुधरेंगे युग सुधरेगा ।इस वाक्य को चरितार्थ करें। कोई है आपका अपना जो घर में इंतजार कर रहा है,आप हेलमेट पहन कर घर सुरक्षित जाएंगे हमारी शुभकामनाएं! डॉक्टर लखन गांगले।

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