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चुनावी वर्ष में मध्यप्रदेश के हर पार्टी से टिकट की दावेदारी करने वाला क्षेत्र में जनसंपर्क में जुटा।

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नीरज रवि वर्मा बौद्धिक भारत सतना


मध्यप्रदेश सतना जिले के चुनावी वर्ष में मध्यप्रदेश के हर पार्टी से टिकट की दावेदारी करने वाला क्षेत्र में जनसंपर्क में जुटा अपने अपने स्तर से हर पार्टी के लोग अलग अलग योजना बनाकर जनता के बीच पहुचकर अपने पार्टी व घोषणा पत्रों के माध्यम से रिझाने की कोशिश कर रहे है अगर बात करे ,,, कांग्रेस की तो मध्यप्रदेश में भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे की बुराइयां कमियां बताते हुए अपनी अपनी पार्टी की खूबियां भी बताने में जुटे है, आइए जानते है मैहर विधानसभा 65 की कांग्रेस की टिकट के कितने प्रबल दावेदार है और कितने मजबूत है और जमीनी स्तर से जनता के बीच मे है, जैसे धर्मेश घई, रामनिवास उरमलिया, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आरके सिंह, अशोक सर्राफ, चूड़ामणि बढोलिया, प्रभात द्विवेदी ,पुष्पराज सिंह , अरुण तनय मिश्रा महिला नेत्री शशि मिश्रा सबसे पहले हम बात करते है ,,
01 पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष धर्मेश घई ये एक ऐसे व्यक्ति है जो शांत व हँसमुख, मिलनसार कर्मठ व जुझारू ईमानदार हर किसी व्यक्ति के साथ मिलजुकर रहना व चलना सबके सुख दुख में साथ खड़े होना कभी किसी व्यक्ति के साथ गलत नही किया और न ही ये आपराधिक प्रवत्ति के व्यक्ति है खैर इनके बारे में जितना कहा जाए कम है लेकिन धर्मेश घई भी मैहर में इस विधानसभा चुनाव में प्रबल दावेदारों में प्रथम स्थान रखते है, लेकिन अगर पार्टी जातिगत समीकरण से अलग हट कर जब सोचेंगी तब धर्मेश घई को टिकट मिल सकती है नही तो ब्राम्हण व पटेलों की समीकरण में कही भी धर्मेश घई फिट नही होते, और शायद यही कारण था कि पिछली बार पार्टी की बेरुखी के शिकार हुए और दूसरे नम्बर चले गए उसके बाद भी नगर पालिका चुनाव में अध्यक्षी की सीट पर कब्जा कर मैहर की जनता की खूब सेवा की 5 वर्ष शांति पूर्ण तरीके से निर्बहन किये लेकिन चर्चा यह भी थी कि अगर पिछली बार ही घई जी को कांग्रेस पार्टी अगर मौका देती तो शायद विधायकी की भी कुर्सी पर कब्जा हो सकता था, लेकिन टिकट ही नही मिली और जिसको मिली कांग्रेस की लहर पूरे मध्यप्रदेश में होने के बावजूद कांग्रेस को मैहर सीट पर मुह की खानी पड़ी थी? लेकिन इस वर्ष चुनाव में जनता यह कयास लगा रही है कि शायद पार्टी अगर धर्मेश घई को टिकट देती है तो शायद विरोधी को टक्कर देते हुए जीत का सेहरा बांध सकते है, घई जी का भी जनसम्पर्क जोरो से चल रहा है और मैहर के गांव गली में कमलनाथ के नीतियों को जन जन तक पहुचाने का काम कर रहे,, सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार एक महत्वपूर्ण बात जो कांग्रेस पार्टी में ही इन दिनों जबरजस्त कलह भी चल रहा है मैहर के स्थानीय पार्टी नेताओं में धर्मेश घई पसंद तो है लेकिन एक प्रभात द्विवेदी के कारण दो फाड़ में है मैहर के नेता जबरजस्त विरोध है? तो टिकट के लिए आगे पार्टी ही जाने ?
02, कांग्रेस की टिकट के प्रबल दावेदारी में बाहुबली पंडित रामनिवास उरमलिया भी शामिल है ये व्यक्ति मैहर से लेकर पूरे प्रदेश में एक अलग पहचान रखते है वैसे भी इनके नाम से सारे काम व बहुते से नियमो को नए रूप में पेश कर जनता की लाभकारी नीति बनाने वाले पहले व्यक्ति इनके दबंगई के क्षेत्र के लोग तो कायल रहता क्योकि जो ये कर सकते है कोई नही कर सकता उदाहरण जिस भी गरीब के साथ फैक्ट्रियों के गेट पर बैठे आज तक कोई गरीब निराश नही होता जब भी गरीब को किसी भी तरह के मामले फैक्ट्रियां द्वारा 5 लाख में निपटाने के लिए शासकीय तंत्र को खरीद कर दबाव बनाया जाता है वहां ये मसीहा रामनिवास उरमलिया 25 लाख तक के मुआवजे दिलाने वाले क्षेत्र के सबसे पॉवर फूल नेता जो माने जाते है लेकिन न जाने क्यो जनता के दिल मे कभी जगह नही बना पाए जबकि एक टांग पर गरीबो के सहायता के लिए खड़े रहते है यह भी नही की कही पैसा रुपया की लालच है इनके पास भगवान की दया से रुपयों का भंडार भरा हुआ है और 4 भाई जहाँ एक साथ खड़े हो जाते है सामने वाला अपना रास्ता ही बदल लेता है यह क्षेत्र में किसी से छुपा नही है,यह व्यक्ति अपने दम पर हर साल मैहर क्षेत्र के साथ अन्य जिलों में निशुल्क सेवा भाव से भंडारा करते है और क्षेत्र की जनता बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इनके नाम से और चेहरे से पहचानते है क्षेत्र की किसी तरह की भीड़ हो खड़े होने पर अलग ही चेहरा व स्टाइल में नजर आते है, एक बात और बहुत से गरीब परिवारों के लोगो को फैक्टरियों के साथ अन्य स्थानों पर रोजगार भी दिलाये लेकिन न जाने कौन सी एक कमी है कि क्षेत्र की जनता चुनाव में किनारा करती है जबकि अपने दम पर अपने छोटे भाइयों के परिवारों को किसी न किसी चुनावो में जीत दर्ज कराए है और बहुतों को पंच सरपंच बनाये लेकिन खुद रामनिवास उरमलिया अपना चुनाव नही निकाल पाते ये बड़ी ही चर्चा का विषय बना रहता है हालांकि जनता के दिल मे जगह बनाने की प्रयास में जुटे है। वही मिली जानकारी अनुसार बीते दिनों एक कार्यक्रम में बड़े नेता के बीच नोक झोंक ने रामनिवास उरमलिया के पार्टी के नजर में छवि खराब हो जाने के कारण शायद टिकट भी कटने के आसार नजर आ रहे है लेकिन अगर पार्टी जातिगत समीकरण देखती है तो शायद रामनिवास उरमलिया हो सकते है कांग्रेस पार्टी के टिकट के दौड़ में आगे थे होंगे, क्योकि पार्टी ब्राम्हण वोट ज्यादा है इसलिए, अगर जातिगत समीकरण पार्टी नही देखती तो शायद धर्मेश घई भी प्रबल दावेदारों में एक है।
एक कड़वा सच और भी है :- कांग्रेस पार्टी के पास दो चेहरों के अलावा तीसरा चेहरा मजूबत नही है पार्टी के पास जो विधान सभा चुनाव की धमक व दहशत बर्दास्त कर सके, क्योकि धर्मेश घई और रामनिवास उरमलिया के अलावा मैहर क्षेत्र में धन व बल एवं छल जो लोग कहते है की शाम,दाम, दंड, भेद ये चारों जिसके पास है वही मैहर की विधान सभा चुनाव में ललकार सकता है और इनमें ये दो नाम धर्मेश घई, रामनिवास उरमलिया मैहर क्षेत्र में सबसे आगे है, और इनके नीचे जो टिकट की दावेदारों में है वो शायद केवल दर्जन भर लोग अचार सहिंता लगने से पहले तक कमलनाथ के नीतियां बताने व जनसम्पर्क तक में ही सिमट जाएंगे, क्योकि की पहले की चुनावो में अब की चुनावो में बहुत अंतर है पहले लोग साइकिल से पर्चा बांटकर विधायक लोग बन जाते थे लेकिन अब रुपया पानी की तरह बहाकर भी चुनाव हार जाते है, और जो कांग्रेस में इन दो चेहरों के अलावा जितने भी दावेदार है चाय पानी तक पीने के लिए जनसंपर्क व रीति व नीति बताने में ही दम तोड़ने लगे है दुसरो के सहारे जुगाड़ पर?? आगे हम जानेंगे अन्य दावेदारों के बारे में जिनका नाम पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आरके सिंह, अशोक सर्राफ, चूड़ामणि बढोलिया, प्रभात द्विवेदी ,पुष्पराज सिंह , अरुण तनय मिश्रा महिला नेत्री शशि मिश्रा व अन्य के बारे में।

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