जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर लोकेश मुजाल्दा एवम अन्य दो आदिवासी युवाओं पर हुई एफआईआर रद्द करने हेतु ज्ञापन सौंपा गया।
रिपोर्टर – रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत राजपुर
जयस व आदिवासी समाज के द्वारा 48 घंटे का अल्टिमेटम, एफआईआर रद्द नहीं हुई तो आगामी दिनों में इंदौर कमिश्नर कार्यालय घेराव किया जाएगा। – सचिन पटेल
झूठी एफआईआर करवाने वालो के ऊपर 120B (आपराधिक साजिश) तथा अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कारवाई करें प्रशासन
राजपूर:(नि.प्र.) देशभर में चर्चित वायरल सीधी पेशाब कांड का जगह जगह असर देखने को मिल रहा है , नए मोड़ भी सामने आ रहे है। हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार को आदिवासी पर अत्याचार और शौषण के मामले में सवालों के कटघरे में खड़ा कर देने वाला सोशल साईट पर वायरल सीधी “पेशाब कांड” को सभी ने देखा होगा। जयस नेता सचिन पटेल व कैलाश कनासे ने बताया उक्त मामले को डंके की चोट पर उजागर करने समेत अन्य कई मामलों में मुखर रहने वाले तथा आदिवासियों के ऊपर लगातार बढ़ रहें अन्याय; उत्पीड़न, अत्याचार और शौषण के खिलाफ आदिवासियों की बेखौफ आवाज उठाने वाले जयस राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी. लोकेश मुजाल्दा तथा अन्य दो आदिवासी युवाओं पर राजनैतिक द्वेष, सामाजिक छवि को धूमिल करने के इरादे व सियासत को बैकफुट पर लाने वाले मामले को दबाने के लिए राजनैतिक पार्टी विशेष से जुड़े सुरेन्द्र सिंह अलावा व निमेष पाठक नामक व्यक्ती द्वारा इंदौर के महात्मा गांधी रोड़ थाना इंदौर व अन्य स्थानों पर झूठी एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। इसी कार्टून पर तमिल अभिनेता प्रकाश राज पर भी इंदौर में एफआईआर दर्ज हुई है, देश के उभरते हुए आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश मुजाल्दा द्वारा उक्त घटना पर प्रतिक्रिया में घोर निंदा, कड़ी आलोचना और दुख: व्यक्त करते हुए अजय दुर्ज्ञेय की कविता क्रेडिट बाय हिमांशु कुमार के साथ सीधी पेशाब घटना से जुडा वायरल कार्टून ( जिसमें आरोपी प्रवेश शुक्ला आदिवासी युवक पर अमानवीय तरीके से शराब के नशे में लंपट सिगरेट पीते हुई मुंह और सिर पर मूत्र विसर्जन करता दिखाई दे रहा है) को फैसबुक पोस्ट करने पर फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई है। इंदौर में हुई जयस राष्ट्रीय अध्यक्ष पर एफआईआर की कॉपी शोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रही है, फेसबुक और ट्वीटर पर आदिवासी नेता लोकेश मुजाल्दा को खूब समर्थन मिल रहा है, मुजाल्दा को आदिवासी आवाज का नाम दिया जा रहा है। जयस समेत समस्त आदिवासी संगठनों के द्वारा इंजी. लोकेश मुजाल्दा व अन्य आदिवासी कार्यकर्ता के समर्थन में फर्जी एफआईआर रद्द करने की माग को लेकर म. प्र., राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य राज्य में जगह जगह निषेध ज्ञापन दिए जा रहे है, जिसमें सीधी, मप्र में भाजपा के कथित विधायक प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला द्वारा गरीब एक आदिवासी समुदाय के युवक के सर पर किए गये मूत्र विसर्जन पर सोशल मीडिया पर भावना व्यक्त करने की वजह से कथित पार्टी विशेष समर्थित व्यक्ति सुरेन्द्र सिंह अलावा तथा निमेष पाठक द्वारा राजनीतिक द्वेषता से ग्रसित होकर सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश मुजाल्दा तथा एक पत्रकार अभिषेक ए., भानु गिरवाल, विश्वास खन्ना पर किए गये एफआईआर को अवलिंब रद्द करने की माग की जा रही है। सचिन पटेल ने कहा की ज्ञापन में लिखा कि झूठी एफआईआर करवाने वालो के ऊपर 120B (आपराधिक साजिश) तथा अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कारवाई करने की जाए! आदिवासियो द्वारा दिए गए ज्ञापन में 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है, अगर एफआईआर रद्द नहीं हुई तो समस्त आदिवासी समाज द्वारा चरणबद्ध आंदोलन संवैधानिक रूप से नियम और कानून के तहत कमिश्नर कार्यालय इंदौर का घेराव करेगा, निषेध धरना व प्रदर्शन करेगा तथा मध्य प्रदेश बंद का आव्हान भी किया जा सकता है जिसकी ज़िम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी। इस दोरान जयस जिला प्रभारी मुन्ना मोरे,ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश कनासे, जनपद सदस्य सुनील सोलंकी, जितेंद्र जमरे, विजय सोलंकी, राहुल पटेल, सुनील सिसोदिया, अनिल बडोले, पंकज गोरे ,गणेश मुजाल्दे, गोलू लोहारे, हमीर सोलंकी, जितेंद्र कनासे, राजेश बड़ोंले, सूरज कोठारी आदि उपस्थित थे।