महेन्द्र प्रजापत बौद्धिक भारत जसवंतपुरा
भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार और केंद्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में भारतीय भाषा माध्यम से उच्च शिक्षा चुनौतियां और संभावनाएं विषय पर केंद्रीय विश्वविद्यालय अजमेर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। जिसमें उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि अर्जुन राम मेघवाल केंद्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य मंत्री भारत सरकार, प्रो रजनीश अरोड़ा निदेशक ईएफएलयू लखनऊ, भागीरथ चौधरी सांसद, मौजूद रहे। वही समापन सत्र में आर. ए. सर्राजू सम कुलपति हैदराबाद विश्वविद्यालय, डा.ताहिर पठान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय व सुरज कुमार इग्नू नई दिल्ली कार्यक्रम में उपस्थित रहे। मूलत: जसवंतपुरा के निवासी हेमंत राजपुरोहित को हिंदी भाषा की वर्तमान समय में उच्च शिक्षा में महत्वता एवं प्रासंगिकता और संभावना विषय पर उत्कृष्ट लघु शोध प्रस्तुत करने पर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। हेमंत राजपुरोहित ने अपने लघु शोध पत्र में हिंदी भाषा की वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर जो शैक्षणिक एवं व्यापारिक क्षेत्र में जो महत्वता बढ़ी है इसके ऊपर विशेष रूप से प्रकाश डाला और बताया कि विश्व के विकसित चीन, रूस ,पोलैंड, इटली, जर्मनी, स्पेन, फ्रांस और जापान तमाम देश शिक्षा और व्यापार अपनी मातृ भाषा में करते हैं जिससे यह देश, तरक्की के लिए पूरी दुनिया भर में जाने जाते हैं तकनीक से लेकर नव आविष्कारो तक इन देशों का पूरे विश्व में नाम है उसी सापेक्ष में हिंदी भाषा का जितना प्रयोग व्यापक स्तर पर होगा उतना ही अपना राष्ट्र सर्वांगीण विकास करेगा क्योंकि उच्च शिक्षा तक बहुत से छात्र इसलिए अपना अध्ययन जारी नही रख पाते क्योंकि अपनी मातृभाषा के अलावा अन्य भाषा में अध्ययन करने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है जिससे बहुत से छात्र अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं इसलिए उच्च शिक्षा तक हिंदी भाषा और अन्य भारतीय भाषाओं की विशेष उपयोगिता है। हेमंत राजपुरोहित अभी केंद्रीय विश्वविद्यालय में अध्ययनरत है। हेमंत को इससे पूर्व में भी राष्ट्रीय स्तर पर व सामाजिक क्षेत्र में सेवा कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है और जोधपुर महाराजा ने भी सामाजिक क्षेत्र में जागरूकता व सेवा कार्य के लिए प्रशंसा पत्र लिख चुके है।
