हरीश कुमार गोयल बौद्धिक भारत समाचार
माउंट आबू। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी बहन ने कहा कि संकल्प सबसे शक्तिशाली पूंजी है। मन को विकृतियों से राहत दिलाने के लिए शुद्ध संकल्पों का संग्रहण करने की कला सीखनी चाहिए। शुद्ध मन में परमात्मा का अमूल्य ज्ञान ठहरने के बाद विधिपूर्वक की गई साधना से ही यर्थाथ सिद्धि प्राप्त होती है। मानव जीवन में नैतिकता की सीमा रेखा के भीतर रहने से ही मनुष्य पापों से मुक्त रह सकता है। जीवन तपोमय बन जाने से मनुष्य में स्वत: ही मूल्यों का समावेश होता है। जिससे लोककल्याण की भावनाओं को बल मिलता है। यह बात उन्होंने साप्ताहिक शिवरात्रि महोत्सव के तहत संगठन के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कही।
संयुक्त मुख्य प्रशासिका डॉ. निर्मला बहन ने कहा कि सामाजिक स्तर पर सत्य एवं आदर्श जीवन के लिए संयम अपनाने की जरूरत है। परमपिता परमात्मा शिव सबके कल्याणकारी हैं। जीवन को साधनामय बनाने के लिए मन की सूक्ष्म रूप से स्वच्छता अनिवार्य है। संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके शशिप्रभा ने कहा कि उच्चकोटि की मानसिकता से साधारण जीवन भी महान बन जाता है। तपोमय जीवन दूसरों के लिए आदर्श बनता है। मल्टीमीडिया चीफ बीके करूणा ने कहा कि हर व्यक्ति की विशेषताओं का चिन्तन करने से ही ईष्र्या, प्रतिशोध व बुरी भावनाओं से मुक्ति पाना संभव है। आत्म स्मृति की निरंतर जगरूकता से ही परमात्म अनुभूति संभव है।

अतिरिक्त सचिव बीके मृत्युजंय ने कहा कि अहम भाव का त्याग करने से ही पारिवारिक माहौल में परस्पर सौहार्द व सदभावना कायम रहती है। त्याग, तपस्या व नि:स्वार्थ सेवा मनुष्य को मानवता की शिक्षा देती है। ग्लोबल अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा ने कहा कि अपेक्षित व्यवहार, सकारात्मक सोच से की गई साधना के परिणामस्वरूप साधक निश्चयपूर्वक मंजिल को पा लेता है। रशिया से आई बीके संतोष बहन ने कहा कि शिवरात्रि पर्व बुराईयों को त्यागने का प्रतीक है। शिविरात्रि में बुराईयों को छोडऩे की दृढ़ प्रतिज्ञा से शिव का वरदान सहज ही मिल जाता है। इस मौके पर संगठन के त्रिनीडाड से वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका डॉ. हेमलता, कुवैत से बीके अरुणा बहन, जापान से बीके रजनी बहन, रशिया से सुधा बहन, नीलू बहन, प्रवीणा बहन, समाज सेवा प्रभाग उपाध्यक्ष बीके अवतार आदि ने भी शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।