भरत जोशी बौद्धिक भारत समाचार
राजस्थान के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने तीसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया , नर्सेज, एकीकृत महासंघ सिरोही के जिलाध्यक्ष जीवत दान चारण ने बताया है कि 2023 -24 के बजट में किसानों , युवाओं,महिलाओं, उधमियों , गरीबों, आमजन , सविंदा कर्मचारियों के लिए कुछ न कुछ या बड़ी राहत दी गई है साथ ही बिजली बोर्ड, निगम, निकायों में भी ओल्ड पेंशन योजना लागू कर एक लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत सामाजिक सुरक्षा दी है साथ ही चिरंजीवी में 25 लाख तक मुफ्त इलाज, बिजली घरेलू 100 यूनिट कृषि के लिए 2000 युनिट तक फ्री , दुर्घटना बीमा 10 लाख रुपये तक ,महिलाओं को रोडवेज बसों में यात्रा के समय किराए में पसास प्रतिसत छूट व कई सौगातों का पिटारा खोला गया है लेकिन राजस्थान सरकार के करीब 8 लाख कर्मचारियों को कोई विशेष राहत नहीं दी गई है जिससे कर्मचारियों में निराशा व कर्मचारी जगत आहत है , एक बड़े वर्ग की अनदेखी की गई है , जिसमे कर्मचारियों की मुख्य मांग एसीपी 8,16,24,32, करने , वेतन विसंगतियों के लिए गठित खेमराज कमेटी की अभिशंषा को लागू करना, केन्द्र सरकार के समान वेतन भत्ते, ग्रामीण भत्ता , कोविड़ हेल्थ सहायक को फिर सेवा में लेना, नर्सिंग भर्ती 2013 को पूर्ण करना , नर्सेज का कैडर गठन, सीनियर नर्सिंग अधिकारी को गजेटेड़ का दर्जा, कर्मचारी कल्याण बोर्ड का गठन, कोरेना काल मे डेढ़ साल का महंगाई भत्ता , सविंदा काल को भी नियमित हुए कर्मचारियों को नोशनल लाभ , पेंशन परिलाभ के लिए एक क्वालिफाई सेवा 28 वर्ष से 25 वर्ष की है , उसको 20 वर्ष करने की मांग की गई थी , कारण के बहोत से नियमित हुए कर्मचारी पूर्व में सविंदा में कार्यरत थे , उनकी बची सेवा 20 वर्ष से भी कम है इसलिए पेंशन परिलाभ पूर्ण नहीं मिल पाएंगे, सविंदा निविदा , कर्मचारियों को लेने के लिए प्लेसमेंट एजेंसी की जगह आरएसएलडीसी बनेगा , ठेका प्रथा खत्म की है जो सराहनीय कदम है , इसमे जनवरी 2021 की जगह 2023 तक लगे सभी कर्मचारियों को जोड़ने पर ही निविदा, प्लेसमेंट एजेंसी के द्वारा लिए हुए सविंदा कर्मचारियों को फायदा होगा , लोकप्रिय मुख्यमंत्री महोदय से अभी भी कर्मचारी जगत को आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि इसी बजट सत्र में कर्मचारियों की मुख्य मांगो पर पुनः विचार कर जिस प्रकार पिछले बजट में सामाजिक सुरक्षा की ओल्ड पेंशन योजना को लागू कर सभी को बड़ी राहत दी थी ओर कर्मचारियों ने भी दिल से मुख्यमंत्री महोदय को धन्यवाद , आभार के लिए बड़ी बड़ी सभाएं हुई थी , उसी तरह इस बजट सत्र में भी मुख्य मांगो की घोषणा करेंगे , अगर ऐसा नहीं हुआ तो कर्मचारी भी चुपचाप नहीं बैठेगा , आंदोलन के लिए रूप रेखा तैयार कर अगली रणनीति पर कार्य करेगा। सभी को इस बजट में कुछ न कुछ मुख्यमंत्री महोदय ने राहत प्रदान की है , ओर कई सौगातें दी है लेकिन 8 लाख कर्मचारियों को राहत ना देकर आहत किया है , कर्मचारियों को OPS की तरह बड़ी सौगात की अपेक्षा थी इसी बजट सत्र में बड़ी सौगात की कर्मचारी जगत अपेक्षा करता है , नहीं तो कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना ही मात्र एक विकल्प रहेगा।