भरत जोशी बौद्धिक भारत समाचार
नर्सेजकर्मियों , सविंदा, निविदा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर राजस्थान नर्सेज यूनियन ,एकीकृत महासंघ सिरोही के जिलाध्यक्ष जीवत दान चारण के नेतृत्व में माननीय प्रसादी लाल मीणा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा , जिलाध्यक्ष जीवत दान चारण ने बताया है कि चिकित्सा मंत्री प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहब्बत नगर के शिलान्यास समारोह में आये हुए थे , उनसे विधायक संयम लोढा की उपस्थिति में नर्सेजकर्मियों , निविदा, सविंदा कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं व विभिन्न मांगों के बारे में बताया गया , जिसमे नर्सिंग कैडर का गठन, नर्सिंग अधिकारीयो की 6800 की डीपीसी की गई है उसमें कई खामियां है , उस लिस्ट में जिन नर्सिंग अधिकारियों की पूर्व में 2013 में डीपीसी की थी उनका भी नाम है व कई सेवानिवृत्त हो चुके है उनका भी नाम है करीब 1300 की ही डीपीसी हुई है , अतः पुनः अवलोकन कर लिस्ट जारी की जावे ,महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता , महिला स्वास्थ्य दर्शिका का भी नर्सिंग अधिकारी की तरह पद नाम बदला जावे , चिकित्सा अधिकारी की अनुपस्थिति में अस्पताल में मरीजों को नर्सिंग अधिकारी के द्वारा ही इलाज किया जाता है , अतः नर्सिंग अधिकारियों को भी दवाई लिखने का अधिकार दिया जावे जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आम जन को इसका लाभ मिल सके ,सीनियर नर्सिंग अधिकारी का ग्रेड पे 6000 से भी अधिक होता है उन्हें भी गजेटेड़ का दर्जा दिया जाना चाहिए , अभी नर्सेज के विभिन्न संगठनों ने भी ड्रेश कोड बदलने की मांग की गई है , इस गैर वितीय मांग को जल्दी से जल्दी पूरा कर नर्सेज को राहत देने की मांग की गई है ,
कोविड़ काल मे कोविड़ हेल्थ सहायक ने अपनी जान की परवाह किये बगैर चिकित्सा विभाग में सराहनीय कार्य किया था मगर सरकार ने उन्हें 9 माह के कार्यकाल में ही हटा दिया गया था उन्हें पुनः सेवा में बहाल कर चिकित्सा व्यवस्था को सुद्रढ़ किया जाना चाहिए ,साथ ही 2013 में वंचित रहे नर्सिंग अधिकारी जो अभी भी सविंदा पर कई वर्षों से सेवा दे रहे है उन्हें लिपिक भर्ती की तरह वेटिंग् लिस्ट निकाल कर नियमित करने की गुहार की गई है व नर्सेज को भी चिकित्सको की तरह NPA देना चाहिए , नर्सिंग अधिकारी व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुदूरवर्ती क्षेत्रो में दूर दराज स्थानों पर कठिनाई में चिकित्सा सेवा देते है वहां पर उनको मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव होता है , इसलिए हार्ड ड्यूटी भत्ता देने पर विचार करने की जरूरत है , 8,16,24,32 वर्ष की कर्मचारियों की सेवा पर एसीपी लगाने व NRHM के रिक्त पदों विरुद्ध कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर व अन्य कार्मिक जो NGO व RMRS के माध्यम से लगे हुए है , जो फिलहाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , व ब्लॉक कार्यालय उनको NRHM के रिक्त पदों पर समायोजित करने व निविदा , सविंदा , हेल्पर , MNJY, MNDY सभी कार्मिकों को सविंदा रूल्स 2022 में सम्मिलित कर इन सभी कर्मचारियों को सरकार राहत प्रदान कर अनुग्रहित करे , चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रसादी लाल मीणा ने नर्सेज , सविंदा, निविदा कर्मचारियों की इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए आश्वस्त किया है , गुमान सिंह परमार, रुस्तम खान, गोविंद सिंह , धर्मवीर सिंह , सलमा बनो, लक्ष्मी , जितेंद्र कुमार गोयल , जितेन्द्र कुमार शर्मा , विनोद कुमार, दसरथ कुमार कई नर्सिंग अधिकारी , सविंदा कर्मचारी उपस्थित थे।
