अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल को सोशल मीडिया पर बदनाम करने का चौंकाने वाला खुलासा किया है।
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल को सोशल मीडिया पर बदनाम करने का चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस मामले में सिविल अस्पताल की हार्ट सर्जरी ब्रांच (यूएन मेहता हॉस्पिटल) के रेसिटेंड मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) डॉ. कौशिक बारोट को अरेस्ट किया है।
कई फेक आईडी बना रखी थीं
भास्कर से हुई बातचीत में क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित वसावा ने बताया कि बारोट ने सोशल मीडिया पर कई फेक अकाइंट बना रखे थे। इन्हीं अकाउंट के जरिए वे हॉस्पिटल कैंपस और कई डॉक्टरों समेत अधिकारियों को बदनाम कर रहे थे। इसे लेकर सिविल अस्पताल के डायरेक्टर आरके पटेल ने साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई थी।
बारोट ने एक फर्जी सिम भी ले रखी थी
डॉ. कौशिक बारोट लंबे समय से यूएन मेहता अस्पताल में आरएमओ के पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद वे अस्पताल को कई तरीकों से लगातार बदनाम कर रहे थे। बारोट के मोबाइल से एक ऐसी सिम भी मिली है, जो किसी और व्यक्ति के नाम पर है।
मोबाइल में एक खास तरह की एप्लीकेशन थी
डीसीपी अमित वसावा ने आगे बताया उन्होंने मोबाइल में एक ऐसी एप्लीकेशन भी रखी थी, जिसमें सामने वाले व्यक्ति को फोन करने पर उनका नंबर दिखाई नहीं देता था। वहीं, आवाज भी फीमेल की आवाज में कन्वर्ट हो जाती थी। क्राइम ब्रांच ने बारोट का मोबाइल जब्त कर साइंस फॉरेंसिक लैब (एसएफएल) भेज दिया है। इससे कुछ और खुलासे होने की संभावना है।