बडगांव कस्बा हुआ रंगों में सौबार:ग्रामीण इलाकों में धूमधाम से मनाया गया धुलंडी का पावन पर्व, शाम को टोलियां ने ढोल की थाप पर पूरे गांव का भ्रमण कर गैर नृत्य किया जाता है।
बडगांव। कस्बे के रानीवाड़ा क्षेत्र भर में धुलंडी पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया एवं ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली का पर्व बड़े ही हर्लोउलाष के साथ मनाया गया वहीं छोटे-छोटे बच्चे पिचकारी भरकर एक दूसरे को रंग लगाते हुए दिखे।
बडगांव गांव में खेली जाती है रंग भरी होली
देश भर में होली का त्यौहार कहीं रंग के बौछार के बीच मनाया जाता है तो कहीं लठ मारकर होली का आनन्द लूटा जाता है। कहीं पर भाभी-देवरों के बीच रंग के साथ होली खेली जाती है, तो कहीं पर ढोलक की थाप पर नाचकूदकर होली का उल्लास प्रकट किया जाता है।
होली मनाने का बडगांव के कुछ अपना ही अंदाज है, होली का अद्वितीय नजारा राजस्थान के बडगांव इलाके में आस्था की नगरी जालोर जिले के गांव बडगांव में सैकड़ों वर्षों से खेली जा रही रंग भरी होली शौर्य, पराक्रम और देवर भाभी के स्नेह और भाईचारा आज भी अपनी परम्परा को निभा रहा है। इस अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग बड़े हर्ष उल्लास के साथ इस रंगों के त्योहार में रंग जाते हैं।
दोपहर बाद ग्रामीण पूरे गांव में गैर नृत्य देखने निकलते हैं ग्रामीण

ग्रामीण इलाकों में पुरुष पूरे गांव में घूम कर एक दूसरे के गुलाल लगाते हुए ढोल नगाड़ों की धुन पर नाचते कूदते हुए भाईचारे का त्योहार धुलंडी को मनाते हैं। महिलाएं भी एक दूसरे के साथ होली खेलती हैं।
गुलाल लगाकर खेलते हैं होली
धुलंडी पर लोग एक दूसरे को रंग बिरंगी गुलाल लगाकर होली खेलते हैं। वहीं एक दूसरे के घर जाकर गुलाल लगाते हैं और इस पर्व को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता हैं।