कला भगवान की देन है।जो हर किसी इंसान मे कोई न कोई कला छुपी होती है, उसकी एक पहचान बन गई है।कला जगत मे किसी ने अच्छा नाम कमाया तो किसी को कुछ हासिल नही हुआ।जिले मे तलासी जाए तो एसी कई प्रतिभा है जिनके पास हुनर है कुछ जज्बा है मगर आज तक वो कला छुपी हुई है।वराडा के संदीप सुथार कि बनायी कई कृतियाँ भी मनमोहन बन गई है।18वर्षीय संदीप सुथार पुत्र रमेश सुथार वराडा नेसमग्र शिक्षा अभियान के तत्वावधान मे आयोजित आनलाईन कला उत्सव प्रतियोगिता मेजिले मे प्रथम स्थान प्राप्त किया

संदीप ने जावाल विधालय से प्रतियोगिता मे भाग लिया था।विधालय परिवार ने मोमेन्टो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है जिले मे प्रथम स्थान पर आने से गाव मे भी खुशी की लहर है एव बधाई देकर होसला अफजाई करते है।संदीप इससे पहले भी राज्य स्तर पर प्रथम आया था।अब यह कालेज पढाई के साथ साथ घर पर बैठे स्कैच बनाता है विभिन्न हस्तियों के बनाये स्केच देखकर सभी दंग रह जाते है।