लाछीवाड़ के विद्यालय में 74 वे गणतंत्र दिवस पर किया सांस्कृतिक कार्यक्रम एवम पुरुस्कार वितरण का आयोजन।
जिगर जोशी बौद्धिक भारत समाचार
देश में कोई भी खास उत्सव हो, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाछीवाड़ साझा कर उसे और अधिक विशेष बना देते हैं। 74 वे गणतंत्र दिवस की खास नजारा दिखा मुख्य अतिथि सरपंच श्री मंगल सिंह देवड़ा , SMC अध्यक्ष माधुसिंह उपाध्यक्ष गोकलाराम देवासी और विद्यालय के प्रिंसिपल श्री श्रवन कुमार बेनीवाल ने सरस्वती माता की पूजा अर्चना कर तिरंगा फहरया वह संस्कृति कार्यक्रम की शुरुआत करवाई । छात्रों ने भाषण, कविता, नृत्य प्रस्तुत किया, देश भक्ति गीत गाए व देश के जवानों के बलिदान को प्रस्तुत किया। अध्यापकों ने विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय पर्व का महत्व बताया। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को हमारा संविधान लागू हुआ था। भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। विद्यालय में आयोजित परीक्षाओं में विद्यालय, जिला एवम राज्य स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पुरुस्कार वितरित किया गया। सरपंच श्री मंगल सिंह देवड़ा ने अध्यापकों और विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस और बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी एवम बताया कि भारत माता के लाखों सपूतों और सुपुत्रियों की शहादत को याद करना हमारा परम कर्त्तव्य है। मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतीबाई लोधी, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, लाल-बाल-पाल और उनके सहमार्गियों से देश कभी उऋण नहीं हो सकता। साथ में विद्यालय के प्रिंसिपल श्री श्रवण कुमार बेनीवाल ने बताया कि हमारे पुरखों ने आजादी की लड़ाई में, देश की एकता और अखण्डता को बनाए रखने के लिए, देश में समरसता के मूल्यों और संस्कारों को बचाए रखने के लिए कुर्बानियां दी हैं। हमारे संविधान की बदौलत ही हमारा देश, लोकतंत्रात्मक गणराज्य कहलाता है। इससे नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समता, गरिमा, और बंधुता का वरदान मिलता है। आधुनिक भारत के संस्कार और स्वरूप को गढ़ने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, प्रथम विधि मंत्री बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री जैसी विभूतियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस मौके पर शिक्षक , विद्यालय परिवार के विद्यार्थी एवम भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।