सांचौर में राजकीय स्कूलों में गठित विद्यालय विकास प्रबंधन कमेटियों के सदस्यों का दो दिवसीय सामुदायिक गतिशीलता प्रशिक्षण शिविर पलादर में संपन्न हुआ।
प्रवीण जोशी बौद्धिक भारत समाचार
सांचौर में राजकीय स्कूलों में गठित विद्यालय विकास प्रबंधन कमेटियों के सदस्यों का दो दिवसीय सामुदायिक गतिशीलता प्रशिक्षण शिविर शनिवार को राजकीय स्कूल पलादर में संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में दक्ष प्रशिक्षक चम्पालाल जीनगर ने सम्रग शिक्षा के उद्देश्य, किसी गतिविधियों का सफल आयोजन, विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देने, शिक्षा का सार्वजनिककरण करने, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, विद्यालय में भौतिक संशाधन उपलब्ध कराने, बच्चों के सर्वागीण विकास, वितीय लेखा एवम लेखा प्रक्रिया, स्वच्छ विद्यालय, शौचालय और स्कूल परिसर की सफाई की जानकारी दी। राजकीय स्कूल विरोल बड़ी के प्रधानाचार्य किशनलाल सारण ने कहा कि विद्यालय विकास के लिए जनसहभागिता आवश्यक है। सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, निशुल्क पोशाक, निशुल्क दुग्ध वितरण, ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना एवं विद्यालय में आईसीटी लैब, शाला दर्पण पोर्टल, पीएसपी पोर्टल, ज्ञान संपर्क पोर्टल में डोनेट राशि, आंगनवाड़ी समन्वय आरकेएसएमबीके आकलन के संबंधित जानकारी दी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पलादर के पीओ प्रधानाचार्य श्रवण कुमार ने कहा कि राजकीय विद्यालय में अभिभावकों और भामाशाहों की विशेष भूमिका होती है। स्वच्छ विद्यालय के विकास के लिए आपसी मेलजोल से विद्यालय को आदर्श विद्यालय बनाया जा सकता है। राजकीय विद्यालयों की स्थिति नामांकन और गुणवत्ता में बेहतर प्रयास करने चाहिए। इस मौके पर एसएमसी अध्यक्ष विरमाराम, एसएमसी अध्यक्ष चंपालाल राणा, प्रधानाध्यापक मनसुखलाल, दक्ष प्रशिक्षक पीराराम चौधरी, वीराराम, किशन लाल पंवार प्रभूराम राणा, भगवानसिंह चौहान, जगदीश जानी, अलका देवी, दरिया देवी, गीतादेवी सहित कुल दो उच्च माध्यमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय, सात प्राथमिक विद्यालयों के एसएमसी व एसडीएमसी सदस्यों ने भाग लिया।