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कला, संस्कृति, खेल समेत विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन पर 100 बेटियों की हौसला अफजाई

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सिरोही

कला, संस्कृति, खेल समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रोल मॉडल के रूप में उभरी जिले की 100 प्रतिभावान बेटियों को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर सोमवार को सम्मानित किया गया। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर की ओर से पहली बार बालिका दिवस का आयोजन जिला स्तर पर किया गया। इस मंच के जरिए से बेटियों के शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बेहतरीन कार्यों को साझा किया गया।

मेरी बेटी मेरा सम्मान थीम पर प्रस्तुतियां देकर बेटियों ने अपना हुनर दिखाया। बालिकाओं को शिक्षा के प्रति जुड़ाव के साथ-साथ डिजिटल युग में आगे बढ़ने को प्रेरित किया। इस दौरान साइबर अपराध से बचने के लिए आगाह भी किया गया। कार्यक्रम में कुछ ऐसी बेटियां थी जो बालिकाओं के लिए अपने क्षेत्र में रोल मॉडल बनकर उभरी हैं।

  • ब्लॉक स्तरीय किशोरी शैक्षिक उत्सव में प्रारंभिक व माध्यमिक प्रभाग में प्रत्येक जोन में प्रथम स्थान 66 बालिकाओं ने प्राप्त किया।
  • जिले में संचालित प्रत्येक कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय से कुल 25 बालिकाएं।
  • जिले में संचालित स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल से मेधावी व विशेष उपलब्धि 4 बालिकाओं ने प्राप्त की।
  • आत्मरक्षा कौशल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कुल 5 बालिकाएं।

ये थे उपस्थित : कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि नगर परिषद के सभापति महेंद्र कुमार मेवाडा, उपसभापति जितेंद्र सिंघी, सीडीईओ अमरसिंह देवड़ा, डीईओ गंगा कलावंत रहीं। इस मौके समसा के एपीसी कांतिलाल खत्री, कार्यक्रम अधिकारी देवेश खत्री, इनामुल हक कुरैशी, रतीराम प्रजापत, मघाराम नोगिया, कैलाशचंद्र जीनगर आदि उपस्थित थे।

इन दो बेटियों के संघर्ष की कहानियां प्रेरित करनी वाली हैं

खेतीबाड़ी से छूटी चेतना की पढ़ाई, अब अन्य बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ रही

शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े रेवदर ब्लॉक के फतेहपुरा निवासी चेतना कुमारी बालिकाओं में शिक्षा का उजियारा फैला रही है। चेतना ने मंडार में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कक्षा 6 से 8 वीं तक पढ़ाई की। इस दौरान घर में खेती-बाड़ी की वजह से पढ़ाई छूटी। चेतना ने बीए की पढ़ाई कर उसी मंडार केजीबीवी में वार्डन के रूप में बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का काम कर रही हैं।

खेतीबाड़ी से छूटी चेतना की पढ़ाई, अब अन्य बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ रही

शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े रेवदर ब्लॉक के फतेहपुरा निवासी चेतना कुमारी बालिकाओं में शिक्षा का उजियारा फैला रही है। चेतना ने मंडार में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कक्षा 6 से 8 वीं तक पढ़ाई की। इस दौरान घर में खेती-बाड़ी की वजह से पढ़ाई छूटी। चेतना ने बीए की पढ़ाई कर उसी मंडार केजीबीवी में वार्डन के रूप में बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का काम कर रही हैं।

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