ललित जोशी बौद्धिक भारत रेवदर
मंडार। सावन माह के चोथे सोमवार को लेकर कस्बे के पहाडी पर स्थित श्री लीलाधारी महादेव मंदिर पर आज दिन भर श्रद्वालुओ की अपार भीड नजर आई मंदिर पंहुचे श्रद्वालुओ ने भगवान भोलेनाथ के दर्षन करने के साथ अपनी आस्था अनरूप प्रसादी का भोग चडाकर खुशहाली की कामनाएं की। महादेव मंदिर के पुजारी ने बताया की सावन माह के चोथे सोमवार को सुबह के समय भगवान की आरती करने के साथ मंदिर के कपाट खोले गये ओर दोपहर होते होते मंदिर पर श्रद्वालुओ की भारी भीड नजर आई ।सावन माह को लेकर आज सुबह से लगाकार शाम तक पहाडी पर हर हर महादेव के जयकारे गुंजमान होते रहे साथ ही श्रद्वालु दर्शन करने के बाद पहाडी के अनेक प्रकातिक नजारो को अपने परिवार के साथ आनंद लेते नजर आये। सावन माह को लेकर आज जगह जगह महादेव मंदिरो पर इसी तरह से श्रद्वालुओ की भीड नजर आई लोग परिवार सहित मंदिरो पर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन करते नजर आये। लीलाधारी महादेव मंदिर भगवान शिव का स्वयंभू मंदिर माउंटआबू से 65 किमी दूर मंडार में स्थित है। इस मंदिर मे 84 फीट का प्राकृतिक शिवलिंग है जो कि विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है ।और शिवपुराण में वर्णित है। मंडार शिखर पर्वत पर यह मंदिर स्थित है। यहां भगवान शंकर के रूप में कई लीलाएं विराजमान हैं।
