योगेश टाक बौद्धिक भारत स्वरूपगंज
कलयुग में ईश्वर नाम का जप ही मुक्ति का आधार व दान कल्याण कारी है। ये उद्गार श्री मद्भागवत प्रवक्ता श्री सनकादिक शरण जी महाराज ने व्यक्त किये । वे निकटवर्ती काशी विश्वनाथ गौशाला में गौ हितार्थ श्री मद् भागवत कथा में उपस्थित सद् सज्जनों को सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि ईश्वर लीलामय और कृपालु है।उनका स्मरण करना पुण्यकारी है। महंत् श्री लाल दास जी महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक जीवन में गाय को पुण्य कारी माना है, गाय समुद्र मंथन से चोदह रत्नों में से एक है। गाय की सेवा करना ही ईश्वरीय सेवा है।गौ शाला में पशु चिकित्सालय व एम्बुलेंस की व्यवस्था के लिए यानी गौ हितार्थ कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का प्रारंभ कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ ।कलश यात्रा में श्री आबू राज विरक्त वैष्णव मण्डल सेवा समिति के श्री भक्ति ह्रदय शरण जी महाराज पाट नारायण धाम गिरवर, महंत दामोदर दास जी महाराज, आबू पर्वत, महंत श्री नारायण शरण जी महाराज कर्दम आश्रम सिध्दपुर,महंत श्री रामशरणदास जी महाराज, करोडी ध्वज कोठार मन्दिर अनादरा, महंत पवनदास महाराज दाता,रामकिशोर दास महाराज, अम्बाजी, महंत रामदास महाराज, अम्बाजी, महंत हरी परेश दास महाराज, चन्द्र वती,सहित अनेक संत महंत कलश यात्रा में गौशाला परिसर में निकाली गई ।कथा के पहले दिन कथा के भामाशाहो का बहुमान किया गया ।पंचायत समिति सदस्य पवन अग्रवाल, समाज सेवी सुभाष चन्द्र अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, धनदास वैष्णव, भरत प्रजापत, रूपचन्द्र अग्रवाल, अरविन्द, विनोद जैन, अशोक जैन, जी एल शर्मा, पवन जोशी,राकेश गुप्ता, लक्षमण सिह गुजराल,गजेन्द्र अग्रवाल, विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता सहित अनेक सज्जन और भक्ति मय महिलाए उपस्थित रही। कथा दोपहर एक से पांच बजे तक सात दिन चलेगी,कथा स्थल तक पहुंचने के लिए साधन की व्यवस्था मुनिमहाराज की धुनी से टेक्शी है।कथा में मच संचालन भूपेन्द्र राज पुरोहित ने कीया।
