किशन माली बौद्धिक भारत सिरोही
जिले भर में शुक्रवार को उमंग व उत्साह के बीच चिकित्साकर्मियों ने नर्सेज़ दिवस मनाया गया ! सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिलदर पर भी राजस्थान नर्सेज यूनियन के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष जीवत दान चारण के सानिध्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया ! कार्यक्रम के आरंभ में कोरेना के समय दिवंगत हुए चिकित्साकर्मियों को दो मिनिट का मौन रख कर श्रधांजलि दी गई व नाइटेंगल फ्लोरेंस को पुष्पांजलि अर्पित की गई आज ही के दिन 12 मई 1820 को नाइटेंगल फ्लोरेंस का जन्म हुआ था 13 अगस्त 1910 को मृत्यु , 12 मई को पूरे विश्व मे इनके जन्मदिन को सभी नर्सेज, नर्सेज दिवस के रूप में मनाते है कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष चारण ने कहा कि नर्सिंग को केरियर के रूप में पहसान दिलाने का कार्य नाइटेंगल फ्लोरेंस ने ही किया था उस समय बहोत कम लोग इस प्रोफेशनल में जाते थे व महिला तो ना के बराबर ही इस प्रोफेशन में जाती थी लेकिन उस महान सख्शियत ने नर्सिंग का रूप ही बदल दिया ,अब सबसे ज्यादा भागीदारी नर्सिंग में महिलाओं की ही है सरकार ने भी इस प्रोफेशन में जाने के लिए महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी है जो किसी भी प्रोफेशन में नहीं है , व विशेष आरक्षण का भी निर्धारण किया गया है जिससे महिलाये आगे बढ़ सके , नर्सिंग एक सेवा का पेशा है जिसको बखुबी सभी नर्सेज़, नर्सिंग अधिकारी मानवीय संवेदनाओं को ध्यान रखते हुए कार्य कर रहे है , मानव सेवा ही हमारा धर्म है इसी मंत्र को लेकर नाइटेंगल फ्लोरेंस के अधूरे सपनो को पूरा करने का हर नर्सेज़ प्रयास कर रहे है कोरेना काल मे भी नर्सेज़ ने सराहनीय कार्य किया जिसमें अपनी जान को जोखिम में डाल कर मौत से मुकाबला किया था जिसको आमजन ने खूब सराहा था द्वितीय विश्वयुद्ध के समय मे उस महान संत ने बिना भेद भाव के युद्ध मे घायल सैनिकों व आमजन की सेवा की थी जो मिशाल है व नर्सिंग प्रोफेशन को ऊंचाइयों तक पहुसाया था , राजस्थान सरकार ने भी नर्सेज़ को चाहे पदनाम बदलने की बात हो , पुरानी पेंशन योजना को लागू कर बड़ी सौगातें दी है लेकिन अभी भी नर्सेज़ के वेतन विसंगति , केंद्र सरकार के बराबर ग्रेड पे , भत्ते , व ड्रेश कोड , राजपत्रित अधिकारी का दर्जा , दवाईयों को लिखने का अधिकार, ANM का ग्रेड पे बढ़ाने व पदनाम बदलने ,जैसी मुख्य मांगो का निराकरण नहीं हुआ है जिससे नर्सेज़ में आक्रोश भी व्याप्त है , साथ ही मरीजों के अनुपात में नर्सेज़ क़ी कमी बड़ी समस्या है जिससे नर्सेज़ कि कार्यक्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है ,सवेदनशील मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले नर्सेज़ के सम्मान में इन मांगों का भी निराकरण जरूर करेंगे ,चिकित्सा सेवा में सराहनीय कार्य करने वाले नर्सेज़ को सम्मानित किया गया ,विक्रम कुमार जीनगर, हेमलता मीणा, राजेश कुमार सांगवान, माया देवी, परमेश्वरी विश्नोई, सुशीला कुमारी, नीरज कुमार परिहार,महेंद्र कुमार , रिंकू रावल ,सरवन कुमार, सुरेश कुमार , रंजन कुंवर, सविता शर्मा, मीरा देवी, रंजन,अंजली, अनिता , नर्सिंग अधिकारी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी , कार्यकर्ता उपस्थित थी।
