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जन्मजात रोग की पहचान के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण………

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डिलीवरी प्वाइंट के द्वितीय बैच के स्टाफ को शिशुओं में जन्मजात बीमारी के बारे में दिया प्रशिक्षण- डॉ. राजेश कुमार

भरत जोशी बौद्धिक भारत समाचार

सिरोही- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत डिलीवरी प्वाइंट के द्वितीय बैच के स्टाफ के लिए प्रशिक्षण का आयोजन स्वास्थ्य भवन के सभागार में सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में किया गया। जिला अस्पताल के शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. रामसिंह यादव ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षणार्थियों को बच्चों में होने वाली जन्मजात बीमारियों की पहचान करने काे लेकर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। एमएचओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चों का उपचार किया जाता है। आरबीएसके की मोबाइल हेल्थ टीम विभिन्न आंगनवाड़ी केन्द्रों, शिक्षा संस्थानों पर जाकर लगभग 38 बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के उपचार मे मदद करती है, मोबाइल हेल्थ टीम बच्चों की जांच कर उस अनुरूप की जाने वाली चिकित्सा हेतु बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज एवं निजी एम्पेनेलित अस्पताल पर रेफर किये जाते है। वहाँ इन बच्चों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। मास्टर ट्रेनर डॉ. रामसिंह यादव ने बताया कि जन्म के समय बच्चों को कई प्रकार की बीमारियां होती हैं, जिन्हें यदि चिन्हित कर लिया जाए तो बच्चों का तुरंत उपचार शुरू हो सकता है और जल्द ही बीमारी से निजात मिल सकती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 साल के बच्चों में 4डी यानि डिफेक्ट, डेफिशिएंसी, डिसऑर्डर, डिसएबिलिटी संबंधी बीमारियों को चिन्हित कर इलाज किया जाता है। बच्चों को डिलिवरी प्वाइंट पर जन्म के समय, आंगनबाड़ी व सरकारी स्कूलों में स्क्रीनिंग कर चिंहित किया जाता है। आरबीएसके मोबाइल टीमों की ओर से बच्चों को चिन्हित कर इलाज के लिए भेजा जाता है। बच्चों का इलाज पूर्णतया निशुल्क किया जाता है।प्रशिक्षण में डीएनओ ओमप्रकाश वर्मा, जिला नर्सिंग संघ अध्यक्ष जीवतदान चारण व समस्त डिलिवरी प्वाइंट का स्टाफ मौजूद रहा।

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