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सांचौर में नगर पालिका की ओर से करोड़ों की खाली पड़ी हवाई पट्टी की जमीन के एक हिस्से पर पट्टे जारी करने का मामला सामने आया है।

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सांचौर में नगर पालिका की ओर से करोड़ों की खाली पड़ी हवाई पट्टी की जमीन के एक हिस्से पर पट्टे जारी करने का मामला सामने आया है। प्रशासन शहरों के संग अभियान में नियमों को ताक पर रखकर ये पट्टे जारी किए गए हैं। ये पट्टे तहसील में रजिस्टर्ड भी हुए हैं। इस पूरे मामले में पालिका के अफसरों की मिलीभगत उजागर हुई है।

प्रशासन शहरों के संग अभियान में हवाई पट्टी के पास खाली पड़े भूखंड पर पालिका द्वारा बिना कोई कब्जे व खाली पड़ी सरकारी जमीन पर पट्टे जारी कर दिए, जिसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इतना ही नहीं उक्त पट्टों का तहसील कार्यालय के पंजीयन शाखा में पंजीयन भी करवा दिया, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगना अपना आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है।

हवाई पट्टी के एक हिस्से की इस जमीन पर सरकारी कॉलेज खोलना प्रस्तावित था। यह जमीन हवाई पट्टी के पश्चिम दिशा वाले भाग की ओर है। यहां पर पर ना तो बिजली, पानी का कनेक्शन है और ना ही पुराना कोई कब्जा है। लेकिन पालिका के अफसरों ने मिलीभगत करते हुए यहां पट्टे जारी कर दिए। इसके अलावा इस जमीन पर पट्टे लेने के लिए नगर पालिका में अभी भी कई फाइलें लगी हुई हैं। इन फाइलों पर भी पालिका प्रशासन की ओर से पट्टे जारी करने की तैयारी की जा रही है। सरकारी जमीन पर पट्टे जारी करने के मामले में एक पार्षद की भूमिका सामने आ रही है।

नगर पालिका प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन पर जारी पट्टों में स्वायत्त शासन विभाग के नियमों को पूरी तरह से ताक पर रखा गया है। जानकारी में आया है कि वार्ड नंबर 5 निवासी गोकुलदास पुत्र भरत राम वैष्णव के नाम से जारी पट्टे में उसने स्वयं को ही पड़ोसी बताते हुए पट्टा लिया है। प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान नेशनल हाईवे पर माखुपुरा के पास होटल नीलामी की जमीन पर फर्जी पट्टे जारी करने के बाद उन पट्टों को खारिज करना पड़ा था। इस बार भी उसी तरीके से हवाई पट्टी की खाली पड़ी जमीन पर पट्टे जारी किए गए हैं।

शहर में फर्जी पट्टे बनाने को लेकर ऐसे कई गिरोह सक्रिय हैं जो प्रायोजित तरीके से फर्जी पट्टे बनाने का काम कर रहे हैं। गिरोह से जुड़े लोग पालिका अफसरों और पार्षदों की मिलीभगत से खाली पड़ी जमीन पर पट्टे लेने के लिए फाइल लगाते हैं। गिरोह से जुड़े लोग इसके लिए मोटी रकम भी वसूलते हैं।

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