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एक वृद्ध की दर्द भरी दास्तान – आज तक न तो कनेक्शन मिला और ना ही किसी प्रकार का कोई मुआवजा। तब से लगातार अधिकारियों तक चक्कर काटे लेकिन सब जगह कोई सुनवाई नहीं हुई।

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घर रोशन करने के लिए बिजली कनेक्शन देने में छह साल से सता रहे डिस्कॉम से परेशान होकर एक वृद्ध को जनसुनवाई में भी ऐसा ही बर्ताव झेलना पड़ा। सिंधी कॉलोनी निवासी 70 वर्षीय रेवामल गुरुवार को जिला मुख्यालय पर चल रही जनसुनवाई कार्यक्रम में फरियाद लेकर आया, लेकिन अंदर घुसने नहीं दिया गया। तीन घंटे तक बाहर अधिकारियों का इंतजार करने लगे। रेवामल ने 2015 में घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए एप्लाई किया था। एनओसी भी दे दी थी लेकिन फिर भी अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है। बुजुर्ग ने बताया कि गुरुवार सुबह किसी काम से शहर से बाहर जाना था, लेकिन पता चला कि जनसुनवाई है। सुबह 10 बजे सभागार के बाहर अपनी बारी का इंतजार करता रहा। दोपहर के डेढ़ बजे तक अंदर नहीं जाने दिया गया। कर्मचारी कह रहे हैं कि लिखित में लेकर आओ तो जाने देंगे। बता दें कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवेदनाओं की समीक्षा एवं जन शिकायतों, परिवेदनाओं के निवारण के लिए जिला स्तरीय जनसुनवाई की गई थी। इस दौरान बैठक में सतर्कता समिति में दर्ज 20 प्रकरणों में से 8 का निस्तारण किया गया और जनसुनवाई में उपस्थित हुए 22 परिवादियों में से 16 की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

उपभोक्ता फोरम का आदेश भी नहीं माना डिस्कॉम ने
वृद्ध का कहना है कि 2016 में उपभोक्ता फोरम कोर्ट की ओर से कनेक्शन देने का फैसला सुनाया गया था। इस दौरान 7500 रुपए पर प्रति माह के 9 प्रतिशत ब्याज से भुगतान करने के लिए भी निर्देशित किया गया था। आज तक न तो कनेक्शन मिला और ना ही किसी प्रकार का कोई मुआवजा। तब से लगातार अधिकारियों तक चक्कर काटे लेकिन सब जगह कोई सुनवाई नहीं हुई।

सरनाऊ में गोचर से दो बार कब्जे हटा चुके, फिर काबिज हो गए अतिक्रमी
सरनाऊ के मंगलराम कलेक्टर को परिवाद में बताया कि ग्राम पंचायत पुर से लेकर सरनाऊ सरहद तक 6 किलोमीटर में गोचर पर अवैध नाले और पाल बनाकर अतिक्रमण किया गया है। 2012 से 2015 तक जिला सतर्कता समिति की बैठक में मामला चला तो 2015 में अतिक्रमण मुक्त करवा दिया गया, लेकिन फिर अतिक्रमण कर लिया गया। मुद्दे को 2016 में उठाया गया तो 2021 में उस जमीन को अतिक्रमियों से मुक्त करवाया गया, लेकिन उसके फिर कुछ दिन बाद फिर से वहां अतिक्रमण हो गया है।

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