Publisher Theme
I’m a gamer, always have been.

पानी के भारीपन से बढ़ रही पथरी की बीमारियां, समय पर उपचार न कराने से मुश्किलों में इजाफा – डॉ वैभव

0 13

माउंट आबू, । ग्लोबल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के यूरोलॉजिस्ट विशेषज्ञ डॉ. वैभव विशाल ने कहा कि पानी के भारीपन फ्लोराईडयुक्त होने से किडनी से लेकर कई तरह की पथरियों की बड़ी संख्या में व्याधियां उत्पन्न हो रही हैं। राज्य में विशेषकर मारवाड़ क्षेत्र में पथरी से संबंधित बढ़ती व्याधियों को देखते हुए इस क्षेत्र को स्टोन संबंधी व्याधियों का वेल्ट कहा जाता है। यहां के पानी में कैल्शियम, मैग्नेशियम, आगलेट (भारीपन) होने से पथरी बन जाती है। रीड की हड्डी में जमने से कुबड़ापन, किडनी में जमने से पथरी हो जाती है। यह बात उन्होंने रविवार को ग्लोबल अस्पताल में मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए कही।
यूएसए शिकागो, दिल्ली, जोधपुर, केरला समेत विभिन्न ख्यातनाम अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे चुके डॉ विशाल ने कहा कि विशेषकर वर्तमान समय के दौर में जीवनशैली में बदलाव बहुत तेजी से हो रहा है। आहार सेवन के अव्यवस्थित होने से भी पथरी से संबंधित कई तरह की बीमारियां पनप रही हैं। कई चिकित्सक अनुभव व कौशल के अभाव में रोगी की बीमारी को बारीकी से नहीं समझ पाते हैं जिससे उपचार जटिल हो जाता है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. विशाल का कहना है कि पानी के भारीपन से किडनी संबंधी विभिन्न व्याधियां प्रोस्टेट, पेशाब की थैली सिकुडऩा, प्रोस्टेट कैंसर, गुर्दे की बीमारियों के तहत गुर्दे की पथरी, मूत्र पथ का संक्रमण, वैरिकोसिलस, अंडकोश की थैली का बढऩा, मूत्राशय, ग्रंथियों के कैंसर, असंयमित मूत्र, मूत्र प्रणाली का प्रभावित होना, इंटरस्टिशियल सिस्टिटिस, बच्चों की ओर से बिस्तर गीला करने के रोग, अंडकोष रूकावट आदि बीमारियां बड़े पैमाने पर पाई जाती हैं। बच्चों का जन्मजात हर्निया, हाईड्रोसिल, महिलाओं में अनियंत्रित पेशाब के रिसाव की समस्या बनी रहती है।
उन्होंनेे कहा कि बेहतर उपचार के लिए मूत्र रोग विशेषज्ञ के सामने मरीजों को अपनी बीमारी को नहीं छिपाना चाहिए। गुर्दे व मूत्र संबंधी बीमारियों को जितना स्पष्ट रूप से चिकित्सक के आगे रखा जाता हंै उतना ही ईलाज प्रक्रिया वांछित परिणाम प्रदान करती है। रोगियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मुहैया कराने के लिए चिकित्सक व रोगी के बीच वार्तालाप में सूर्पण रूप से पारदर्शिता होना जरूरी है। लंबे समय तक बीमारी को छिपाए रखने से मूत्र रोग विशेषज्ञ को कई तरह की जटिलताओं व जोखिमों का सामना करना पड़ता है।
डॉ. विशाल ने कहा कि पथरी से संबंधित बढ़ती बीमारियों को देखते हुए क्षेत्र में निपुण यूरोलॉजिस्ट की लंबे समय से कमी खल रही थी जिसके अभाव में दर्दियों को राज्य से बाहर व दूरदराज जाकर उपचार के लिए विवश होना पड़ता था। ग्लोबल अस्पताल में अब यूरोलॉजिस्ट की ओर से पदभार ग्रहण करने से इस व्याधि से ग्रस्ति दर्दियों को राहत मिलेगी।
इस मौके पर ग्लोबल अस्पताल के निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा ने कहा कि गत लंबे से क्षेत्र के लोगों की ग्लोबल अस्पताल में स्थाई तौर पर यूरोलॉजिस्ट को पदस्थापित करने की मांग की जा रही थी। जिसके तहत अस्पताल में यूरोलॉजिस्ट डॉ. विशाल की नियुक्ति की गई है। जिससे लोगों को दूरदराज जाने से राहत मिलेगी

Leave A Reply

Your email address will not be published.