रमेश सुथार बौद्धिक भारत सिरोही
धोखाधड़ी कर लगे सरकारी अधिकारी कर्मचारियों को भेजें जेल-राव
राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शक के दायरे में आने वाले नव चयनित अधिकारी व कर्मचारियों के जांच के आदेश किये है। जिसका शिक्षा बचाओ समिति राजस्थान के संयोजक गोपाल सिंह राव ने स्वागत किया है। पिछले गहलोत सरकार के पांच वर्षिय कार्यकाल में अधिकारियों व कर्मचारियों की नौकरी लगी है। उनमें कुछ नकलची, धांधलीबाज, फर्जी दस्तावेजी,झुठे तलाकी ,डमी व्यक्ति बिठाकर नौकरी हासिल करने वाले तथा फर्जी दस्तावेज दिव्यांग , डिग्री,खेल प्रमाण पत्र के आधार पर चयनित लोग भी शामिल है। मुख्यमंत्री के निर्देश अनुसार कर्मचारियों के विभागों को ही फर्जीवाड़ा की जांच का काम सौंपा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में लगभग सवा लाख पदों पर हुई भर्ती जांच के दायरे में है। विभिन्न 12 से ज्यादा भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े की आशंकाओं से घिरी हुई है।अब सभी भर्तियों के समस्त दस्तावेजों की जांच होगी। जालसाजों ने फर्जी दस्तावेज, झूठे तलाक पेपर, प्रश्न पत्र लीककर,नकल करके, धांधली करके,एवजी बिठाकर , फर्जी महाविद्यालय,खेल संघों के प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी अधिकारी व कर्मचारी की नौकरी ली है। गरीब,मेहनती,ईमानदार प्रतियोगिता प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है। नकलची, धांधलीबाज,पेपर लीककर करोड़ कमाने वाले आजाद घूम रहे है। पांच वर्षों में हुई ज़्यादातर परीक्षाओं में पेपर लीक हुए है।राजस्थान सरकार ,कर्मचारी चयन बोर्ड और राजस्थान लोक सेवा आयोग की छवि धूमिल करने वाले अपराधियों के हौसले बुलंद है। पेपर गड़बड़ी की लगभग पच्चीस सौ से ज्यादा शिकायतें स्पेशल आपरेशन ग्रूप के पास लम्बित है।सरकार के जांच दायरे में अब यह है कि आवेदन किसने किया ? कौन परीक्षा देने पहुंचा ? साक्षात्कार किसने दिया?फाइनल सिलेक्शन होने पर अभ्यर्थी ने कौन से दस्तावेज जमा करवाए थे ?दस्तावेज सही है या नहीं? किसी जाली प्रमाण पत्र के माध्यम से नौकरी तो हासिल नहीं की ? इन समस्त बिंदुओं पर जांच होगी। कर्मचारी चयन बोर्ड और राजस्थान लोक सेवा आयोग के पास 5 साल की सरकारी भर्तियोंके सारे रिकार्ड मौजूद है। सारे रिकार्ड खंगाले जाएंगे। गड़बड़ी करने वालों की अब खैर नहीं है। कुछ जेल में हैं बचे हुए भी सरकार के रैडार में है।सरकार के इस स्पेशल फैसले से फर्जी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2018 से दिसंबर 2023 तक वरिष्ठ अध्यापक, राजस्थान प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न कुल 167 भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया गया ।जिसमें 32000 से ज्यादा अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। जिसमें कुछ फर्जीवाड़ा करके लगे हैं। उन्होंने मेहनती, ईमानदार प्रतियोगी प्रतिभाओ का हक भी छीना है।राव ने भविष्य में होने वाली सभी भर्तियों में ग्रामीण क्षेत्रों के सहभागियों, आशान्वित पिछड़े जिलों के प्रतिभागियों को बोनस अंक देने की मांग की है। शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े, आदीवासी बाहुल्य, आशान्वित जिलों के प्रतिभागियों को बोनस देकर आगे लाने की गुहार की।