Publisher Theme
I’m a gamer, always have been.

विकसित राजस्थान-2047, जिला स्तरीय कार्यशाला में किसानों एवं हितकारकों ने दिये सुझाव

0 30

रमेश सुथार बौद्धिक भारत सिरोही

विकसित राजस्थान 2047 का डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए कृषि एवं संबंधित विभागो, हितकारको यथा कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी एवं सहकारिता विभागों के अधिकारीयों, कृषि विश्वविधालय व कृषि कॉलेज के वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ,नाबार्ड के प्रतिनिधि अधिकारी, प्रगतिशील कृषक, कृषि उद्यमी, किसान संगठन, एन.जी.ओ/एफ.पी.ओ एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा तथा सुझाव आमंत्रण किये जाने के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन राज्य एवं खण्ड स्तरीय अधिकारीयों की उपस्थिति में कृषि विभाग के आत्मा सभागार में बुधवार को जिला कलेक्टर शुभम चैधरी की अध्यक्षता में  किया गया। कलेक्टर चैधरी ने जिलें एवं राज्य के अन्य जगहों पर किसानों द्वारा उन्नत खेती एवं उद्यानिकी के प्रगतिशील किसानों के खेतों पर सफल कार्यों को एक्सपोजर विजिट कराने के सुझाव दिये। उन्होंने जिले को दिये जाने वाले लक्ष्यों को शत-प्रतिशत अर्जित करने के अधिकारीयों को निर्देश दिये। उन्होंने जिले में कृषि प्रसंस्करण ईकाईयां स्थापित हो इसके लिए कृषि एवं कृषि विपणन विभाग तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारीयों को कार्य करने के लिए कहा।

जिले में मण्डार क्षेत्र में स्थापित मूंगफली दाना निकालने वाली ईकाई के कृषि उद्यमीयों को पीनट बटर की संभावना के बारे में सुझाव दिये। मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश चंद अग्रवाल ने जल संरक्षण के लिए फार्म पौण्ड निर्माण करने एवं प्रत्येक व्यक्ति को इस वर्ष मानसून में वृक्ष लगाने तथा उसका संरक्षण करने, सोलर संयत्र स्थापित करने के सुझाव रखें। इन्द्र सिंह संचेती अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) खण्ड जालोर ने माईक्रो इरीगेशन पद्वति से खेती में सिंचाई कार्य अपनाने के बारे में बताया। राज्य स्तर से मनोनीत नोडल अधिकारी होडी लाल संयुक्त निदेशक कृषि राजस्थान राज्य बीज प्रमाणीकरण ऐजेन्सी जयपुर ने जिलें के प्रगतिशील कृषकों द्वारा किये जा रहे उन्नत कृषि कार्यों की सराहना की। संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग के डाॅ. जगदीश बरवड  ने पशुओं में टीकाकरण के महत्व एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद् संजय तनेजा ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित अनुदानीत योजनाओं की जानकारी दी तथा उपनिदेशक उद्यान डाॅ हेमराज मीणा ने उद्यानिकी विभाग की संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई पद्वति, बगीचों की स्थापना संबंधी जानकारी कृषकों से साझा की गई। कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डाॅ. रामस्वरूप चैधरी ने जिलें में कृषि क्षेत्र में केवीके में सौंफ फसल पर एक प्रसंस्करण ईकाई स्थापित कर एवं मूल्य संवर्द्धन पर प्रषिक्षण देकर कृषकों की दक्षता विकास की आवश्यकता पर सदन में विचार रखें। कार्यशाला में 100 विभिन्न क्षेत्रों से प्रगतिशील कृषकों एवं हितधारकों ने अपनी मौजुदगी दर्ज की जिनमें से सीएमएफ व प्रदान एनजीओ, मण्डी सचिव तथा आशा डेयरी के प्रतिनिधियों द्वारा विकसीत राजस्थान 2047 के अनेक सूझाव रखे गये। जिन्हें सूचीबद्ध कर विभाग को भेजा जायेगा। इस मौके पर डाॅ. हीर सिंह राठौड पीडी आत्मा, कार्यालय के सहायक निदेशक पवन कुमार बरडीया, डाॅ पन्ना लाल चैधरी व डाॅ. प्रदीप सिंह राठौड, कृषि अनुसंधान अधिकारी डाॅ जितेन्द्र सिंह व कमलेश यादव, कृषि अधिकारी विक्रम सिंह मीणा, सहायक कृषि अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक व कृषि व उद्यानिकी के अन्य अधिकारी/कार्मिक उपस्थित रहें। राजेन्द्र राजपुरोहित कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.