शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते हैं, वे हमेशा समाज को नई दिशा देते है – देवासी, सेवानिवृति पर बेनीवाल का अभिनंदन समारोह आयोजित, दी भावभीनी विदाई

हितेंद्र जोशी बौद्धिक भारत रानीवाड़ा

रानीवाड़ा। निकटवर्ती स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पाल में मंगलवार को सेवानिवृत्त हुए प्रधानाध्यापक रामलाल बेनीवाल का अभिनंदन एवं विदाई समारोह विद्यालय प्रांगण में आयोजित किया गया। समारोह उप प्रधान महादेवाराम देवासी के मुख्य आतिथ्य, कुड़ा पीईईओ भेराराम की अध्यक्षता, सांचोर पूर्व सीबीईओ राणाराम, पूर्व जिला परिषद सदस्य रवाराम, लाछीवाड़ प्रधानाचार्य श्रवण बेनीवाल, वरिष्ठ पत्रकार मदन माहेश्वरी, सेवा निवृत प्रधानाध्यापक राणाराम देवासी, अध्यापक चमनाराम देवासी, व्याख्याता केसाराम गोदारा के विशिष्ठ आतिथ्य में आयोजित हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उप प्रधान देवासी ने कहा कि शिक्षक को राष्ट्र निर्माता की उपाधि दी गई है, शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते हैं, वे हमेशा समाज के लोगों को एक नई दिशा प्रदान करते हैं, जिससे समाज सशक्त और मजबूत होता है। देवासी ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, शिक्षक समाज सुधारक होते हैं। देवासी ने कहा कि बेनीवाल ने शिक्षा विभाग सहित विद्यालय में लंबे समय तक अनुकरणीय सेवाए दी है, इनकी लेखनी एवं अभिव्यक्ति की कुशलता को हमेशा-हमेशा याद किया जायेगा। देवासी ने बेनीवाल के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पीइईओ भेराराम ने कहा कि शिक्षक ही जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाते है, जिससे बच्चे अपने जीवन और करियर को सही दिशा में अग्रसर करते हैं। बेनीवाल ने कर्तव्यनिष्ठ रहकर सामाजिक समरसता के लिए बढ़चढ़कर कार्य किया है। उनके व्यक्तिगत व्यवहार से हर कोई व्यक्ति प्रभावित रहा है। सांचोर पूर्व सीबीईओ ने कहा कि सेवानिवृत्त हुए बेनीवाल का कार्यकाल एक कुशल व सफल शिक्षक के रूप में यादगार रहेगा। बेनीवाल का समस्त स्टॉफ के प्रति प्रेम, भरोसा व सुख-दुःख में साथ देना सभी के ह्दय पटल पर अंकित हो गया है। व्याख्याता गोदारा ने कहा कि शिक्षक समुदाय के प्रति बेनीवाल ने संवेदनशीलता रखते हुए उनके कार्याें में हर समय सहयोग किया है। साथ ही समय की पांबदी एवं कार्याें के प्रति लगनशीलता इनकी खूबी रही है। पंडित ताराचंद भारद्वाज ने बेनीवाल के साथ शिक्षा विभाग में बिताये समय को याद करते हुए उनको अपना भरोसेमंद मित्र बताया एवं साफ सुथरी छवि रखते हुए गरिमामय सेवा पूर्ण करने पर बधाई देते हुए दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दी। लाछीवाड़ प्रधानाचार्य ने कहा कि बेनीवाल का विदाई समारोह नहीं है, यह उनका सम्मान समारोह है। उन्होनंे बेनीवाल को मृदुभाषी और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक बताया। साथ ही हर समस्या में सहयोग करने वाला व्यक्ति बताया। विसनाराम देवासी ने बेनीवाल के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उनसे सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की सीख मिली है। उन्होंने बेनीवाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमेशा स्टॉफ के प्रति समान व्यवहार रख कार्य करने की शैली से सभी शिक्षकों को प्रेरणा मिलती रहेगी। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए अध्यापक चमनाराम देवासी पाल ने प्रधाानाध्यापक बेनीवाल की सेवाओं को प्रेरणादायक बताया। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रामलाल बेनीवावल ने विद्यालय परिवार व स्थानीय ग्रामीणों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों ने जो मान सम्मान दिया, वह कभी भुलाया नहीं जा सकता है। छात्र-छात्राओं से मुखातीब होते हुए बेनीवाल ने अपील की कि वे माता-पिता एवं गुरूजनों के भरोसे को न तोड़े, साथ ही समय का प्रबन्धन करते हुए अनुशासित रहकर कठोर परिश्रम से अपेक्षित मंजिल को प्राप्त करें। सही दिनचर्या अपनाकर स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया। ये रहे उपस्थित समारोह के दौरान व्याख्याता निर्मल देवासी, रणछोड़ाराम पुरोहित, लाखाराम चौधरी, मानाराम विश्नोई, डॉ. दिनेश विश्नोई, गणेशाराम गुलशन, परबतसिंह, खंगारा राम विश्नोई, गणपतलाल, सुशील, विक्रम, जयश्री बेन, सुनीता सुवालका, सुरेखा, राजु, सांवरी देवी, मुश्ताक अली कुड़ा, नेनाराम विश्नोई, किशनाराम विश्नोई, प्रधानाध्यापक हीरपुरा ओखाराम, देवाराम चौधरी, लखमाराम चौधरी, भूपसिंह, हेमाराम देवासी, हुसैन खान, अनवर खान, टीकम पाल सहित छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक, स्टाफ व ग्रामीणजन उपस्थित थे। और स्टॉफ सहित छात्र-छात्राएं हुए भावुक बेनीवाल की विदाई के दौरान विद्यालय स्टॉफ सहित छात्र-छात्राएं भावुक हो गये, तो बेनीवाल उन्हें संभालते नजर आए। कई छात्र-छात्राओं की आंखे छलक उठी, तो बेनीवाल भी अपने आंसु रोक नही पाये। वहीं कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों में बेनीवाल के साथ सेल्फी लेने की होड़ सी मच गई। जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत सेवानिवृत प्रधानाध्यापक रामलाल बेनीवाल विद्यालय से घर के लिए रवाना हुए तो जगह-जगह ग्रामीणों ने साफा एवं मालाएं पहनाकर व गुलाल डालकर भव्य स्वागत किया। शिक्षक की विदाई पर लोगों का इतना प्यार एवं स्नेह क्षेत्र भर में पहली बार भव्यता से देखने को मिला है। इस दौरान जगह-जगह पर बेनीवाल के कार्य व्यवहार की प्रशंसा करते सुना गया। पाल गांव में हुआ भावभीना स्वागत सेवानिवृत होने वाले प्रधानाध्यापक रामलाल बेनीवाल का सभी अतिथियांे, ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थियों कुड़ा नोडल एवं बाहर से आये हुए समस्त शिक्षकों ने साफा, माला पहनाकर व गिफ्ट भेंट कर भावपूर्ण स्वागत व अभिनन्दन किया।

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