इस धरती पर जब ब्राह्मण, धेनु तथा संत दुखी होते हैं तब तब भगवान का अवतार होता है – मुरलीधर महाराज

भीनमाल – नीलकंठ महादेव मंदिर के 11 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव। .

ललित हौंडा बौद्धिक भारत समाचार

भीनमाल नीलकंठ महादेव मंदिर के 11 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा में मंगलवार को सातवें दिवस के प्रवचन में संत मुरलीधर महाराज ने भगवान श्री राम के अवतार के कारणों पर कथा वर्णन किया। कथा में मुरलीधर महाराज ने गोस्वामी तुलसी दास महाराज द्वारा रचित श्री रामचरितमानस के बालकांड में वर्णित मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के अवतार के कारणों व हेतुओं की कथा पर संक्षिप्त में प्रकाश डालते हुए भगवान राम के जन्मोत्सव की कथा का रस पान करवाया। प्रसंग के माध्यम से महाराज ने कहा कि इस धरती पर जब ब्राह्मण, धेनु तथा संत दुखी होते हैं तब तब भगवान का अवतार होता है। देवता व मानव राक्षसों के अत्याचार से दुखी होकर भगवान से धरती पर अवतार लेने की प्रार्थना की तब भगवान ने दुष्ट रावण का वध करने तथा धरती को पापों से मुक्त करने हेतु युग परिवर्तन करके भी अवतार लिया। महाराज ने कहा कि जिनके हृदय में भगवान है वह व्यक्ति कभी दुखी नहीं हो सकता। संचालन मदन जांगिड़ ने किया। इस अवसर पर प्रेम सिंह ओबावत, सिरोही महाराजा रघुवर सिंह, युवाचार्य संत अभय दास महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बा राम, पाली सांसद पीपी चौधरी, विभाग प्रचारक श्याम सिंह, जिला व नगर प्रचारक क्रमश; बाबूलाल व किशना राम, दंडी स्वामी देवानंद महाराज सहित कई लोग मौजूद रहे।

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